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एलयू से इंजीनियरिंग की राह मुश्किल

Wed, 22 Feb 2017 03:16 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : demo pic
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लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2017-18 से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की तैयारी में जुटे विवि प्रशासन की उम्मीदों को करारा झटका लगा है। विवि के न्यू कैंपस स्थित विज्ञान संकाय के भवन में कोर्स का संचालन प्रस्तावित है।
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लेकिन यह भवन आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) के मानक पर खरा नहीं उतर रहा है। एआईसीटीई के मानक के अनुसार इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए जितना स्थान चाहिए इस भवन में उतना स्थान ही नहीं है।

विवि में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए बनाई गई समिति द्वारा यह तथ्य सुझाने के बाद अब अगले विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय अगले शैक्षिक सत्र से इंजीनियरिंग की पांच ब्रांच की पढ़ाई शुरू करने जा रहा है।

कंप्यूटर साइंस, केमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 60-60 सीट प्रस्तावित हैं। विवि की परिनियमावली में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम पहले से ही दर्ज है।
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इसलिए कोर्स शुरू करने के लिए विधिक अड़चन न होने की बात कहते हुए इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की समिति ने विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाना शुरू कर दिया है।

 
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नए व‌िकल्पों पर व‌िचार

डेमो
समिति में कुलपति प्रो. एसपी सिंह के साथ ही  प्रति कुलपति प्रो. यूएन द्विवेदी, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. कीर्ति सिन्हा शिक्षक प्रो. नवीन खरे, अधिष्ठाता निर्माण प्रो. जेके शर्मा के साथ ही एकेटीयू के प्रो. केबी नायक, प्रो. मनीष गौड़ और डॉ. अमित मलिक भी शामिल हैं।

समिति ने प्रस्तावित भवन में एआईसीटीई के मानक के हिसाब से कम स्थान होने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार न्यू साइंस ब्लॉक में केवल फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के कोर्स चलाने लायक ही स्थान है। ऐसे में एआईसीटीई का निरीक्षण हुआ तो कोर्स संचालन के लिए हरी झंडी नहीं मिलेगी।

न्यू साइंस ब्लॉक का स्थान कम पड़ने के बाद विवि ने नए विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है। इसके तहत अब सभी चार वर्षों की कक्षाएं एक साथ संचालित करने के बजाय केवल दो साल की कक्षाओं की अनुमति लेने के लिए आवेदन करने की बात कही जा रही है।

इसके पीछे तर्क है कि विवि में पहले साल केवल एक कक्षा ही चलेगी जबकि दूसरे साल में आवेदन होने के बाद दो कक्षाएं हो जाएंगी। इस तरह से विवि में चार साल की कक्षाएं एक साथ चलाने में चार साल का समय लगेगा।

इससे पहले भवन का निर्माण आसानी से पूरा हो सकता है। इसलिए विवि फिलहाल केवल फर्स्ट और सेकंड इयर की कक्षाएं संचालित करने के लिए आवेदन करने की योजना बना रहा है।
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डायरेक्टर और शिक्षकों की नियुक्ति भी अटकी

डेमो - फोटो : अमर उजाला
विवि में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम चलाने के लिए एक निदेशक और 19 शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। इसके लिए फरवरी तक का समय निर्धारित किया गया था। फरवरी समाप्त होने में केवल सात दिन का समय बचा है।

इसके बावजूद अभी तक इनकी नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। एआईसीटीई के मानकों के हिसाब से बगैर शिक्षक संस्थान प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकेगा।

‘न्यू साइंस ब्लॉक में स्थान की थोड़ी कमी है, लेकिन फर्स्ट इयर और सेकंड ईयर की कक्षाएं चलाने के लिए एआईसीटीई से अनुमति मिल जाएगी। फिलहाल हमारा फोकस कोर्स शुरू करने पर है। कक्षाएं शुरू होने के बाद दूसरी तरफ जरूरी निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएग। इस तरह से इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू होने में कोई रोड़ा सामने नहीं आएगा।’ -प्रो. एसपी सिंह कुलपति, लविवि
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