रिवर बैंक कॉलोनी स्थित दी इंस्टीट्यूशन का इंजीनियर सभागार में ऊर्जा संरक्षण दिवस पर आयोजित कार्
लखनऊ। ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय प्रगति का आधार है और यह देश को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। यह विचार एमिटी यूनिवर्सिटी की सहायक प्रोफेसर डॉ. पल्लवी अस्थाना ने व्यक्त किए।
रविवार को द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की ओर से राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर रिवर बैंक कॉलोनी स्थित सभागार में आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अस्थाना ने कहा कि ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग ही सतत् भविष्य की कुंजी है। उन्होंने ''ऊर्जा संरक्षण: सतत् भविष्य की दिशा में एक कदम'' विषय पर ऊर्जा-दक्ष तकनीकों, कार्बन फुटप्रिंट कम करने के उपायों, नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते महत्व तथा उद्योगों और घरों में ऊर्जा संरक्षण के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
संस्था के पूर्व अध्यक्ष मसर्रत नूर खान ने ऊर्जा-दक्ष तकनीकों को बढ़ावा देने, ग्रीनहाउस गैसों और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा सौर व पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संरक्षण न केवल पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि ''विकसित भारत 2047'' के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम संयोजक राजेश श्रीवास्तव और संस्था सचिव नीरेंद्र कुमार निषाद ने एलईडी लाइट के उपयोग को बढ़ाने और अनावश्यक बिजली खपत रोकने का आह्वान किया।