स्मारकों की हड़ताल बुधवार को समाप्त हो गई और टिकटों की बिक्री सभी स्मारकों में शुरू हो गई।
बीते रोज हंगामा और महिला कर्मचारियों से गालीगलौज करने वाले कर्मचारी नेता को हिरासत में लेकर हड़ताल को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुबह स्मारक संरक्षण की मदद की।
मगर दोपहर बाद पुलिस ने उसको छोड़ दिया। इसको लेकर स्मारक संरक्षण समिति के आला अधिकारी एसएसपी से शिकायत करेंगे।
टिकटों की बिक्री बुधवार सुबह जब दोबारा शुरू की गई तो फिर से सुरेश ठाकुर ने हंगामा शुरू किया। इस पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उसको गोमती नगर थाने ले गए। जिसके बाद में सभी स्मारकों में टिकटों की बिक्री का आगाज कर दिया गया।
इस संबंध में स्मारक संरक्षण समिति की महिला अधिकारी की ओर से लिखित शिकायत पुलिस को की गई थी। मगर दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी को छोड़ दिया।
मालूम हो कि बसपा की रैली को देखते हुए स्मारक कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करने पर बातचीत के बाद दोपहर 1:00 बजे कुछ देर के लिए सहमति बनी और टिकटों की बिक्री शुरू हुई।
डेढ़ घंटे बाद निलंबित प्लांट ऑपरेटर सुरेश ठाकुर ने नारेबाजी शुरू कर दी कि हड़ताल खत्म नहीं करेंगे और कोई टिकट नहीं लगेगा। ये लोग टिकट का रुपया खुद रख लेंगे। इसके बाद अनेक लोगों के साथ टिकट काउंटर पर पहुंच गया।
यहां लोग रुपया लौटाने के लिए दबाव डालने लगे। जब रुपया वापस नहीं किया गया तो सुरेश ने महिला कर्मचारियों के साथ गालीगलौज की।