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पार्कों में मंदिर बनाने पर लगाई जाए रोक: हाईकोर्ट

Wed, 01 Mar 2017 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नगर निगम को गोमतीनगर के विक्रांत खंड-1 स्थित पार्क में मंदिर निर्माण या किसी अन्य तरह का अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह आदेश विक्रांत खंड-1, जनकल्याण समिति की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।
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याचिका में कहा गया कि विक्रांत खंड-1 स्थित पार्क को चंद्रशेखर आजाद पार्क नाम दिया गया है, लेकिन इसमें राह चलते लोग अतिक्रमण करने लगे हैं। कुछ डेयरी चलाने वालों ने भी पार्क पर कब्जा करना शुरू कर दिया है।

इस मामले में कोर्ट ने लखनऊ नगर निगम से जवाब मांगा तो निगम की ओर से बताया गया कि शिकायत मिलने पर पार्क से अतिक्रमण हटा दिया गया है। इस समय पार्क में ऐसा कोई अतिक्रमण नहीं है।
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इस पर याची की ओर से बताया गया कि पार्क में अब भी एक पेड़ के नीचे मंदिर बनाया जा रहा है। याची की प्रार्थना थी कि पार्क लोगों के घूमने फिरने का स्थान होना चाहिए। ऐसे में यहां किसी अन्य किस्म की गतिविधियों को रोका जाना चाहिए।

सभी तरह के अतिक्रमण हटवाएं

याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस संजय हरकौली ने कहा कि पार्क चारों ओर से बाउंड्री वॉल से घिरा है।

लखनऊ नगर निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस बाउंड्री वॉल के भीतर किसी भी तरह का अतिक्रमण न किया जाए। वह अपने अधिकारियों से कहकर यहां हो रहे सभी तरह के अतिक्रमण हटवाए।

पार्क का उपयोग किसी और उद्देश्य के लिए करने की अनुमति हरगिज नहीं दी जा सकती। इसे निगम को ही मेंटेन करना होगा, इसलिए वह उचित कदम उठाकर पार्क का सौंदर्यीकरण करवाए।

इसके लिए प्रस्ताव बनाए और उसे जल्द से जल्द लागू करे। वहीं याची सोसाइटी ने जो सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव रखा है, उस पर भी विचार करें।

सड़क, फुटपाथ और पार्क में बने हैं 200 धार्मिक स्थल

लखनऊ में सार्वजनिक स्थलों पर (सड़क, फुटपाथ और पार्क के अंदर) करीब 200 धार्मिक स्थल बने हैं। शासन के निर्देश के बाद 2011 से पहले और उसके बाद बने धार्मिक स्थलों का ब्यौरा नगर निगम ने बीते साल जुटाया था।

जोन स्तर पर हाल ही में हुए सर्वे में 2011 के बाद एक ही नया धार्मिक स्थल बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। करीब पांच साल पहले भी शासन के निर्देश पर इसी तरह की कवायद हुई थी, मगर हुआ कु छ नहीं।

शासन के आदेश के तहत 2011 के बाद जो धार्मिक स्थल सार्वजनिक स्थानों पर बने हैं, उनको तोड़ा जाना है। नगर निगम की रिपोर्ट के तहत ऐसा ही एक ही मामला सामने आया। नगर निगम की ओर से कई बार अभियान को लेकर कागजी कार्यवाही की गई, पर वह आगे नहीं बढ़ पाई।
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कुछ प्रमुख स्थान : यहां बने हैं धार्मिक स्थल

हजरतगंज पुरानी कोतवाली, बाल्मीकि मार्ग, गन्ना संस्थान डालीबाग, गोखले मार्ग मोड़, चिड़िया घर के सामने, जीपीओ पार्क, बापू भवन के पास, गुरुगोविंद सिंह मार्ग, नाका चौराहा, रीवर बैंक कालोनी, मंडलायुक्त कार्यालय के पास, आरके  टंडन रोड, श्रीराम रोड, घंटाघर रोड, झंडे वाला पार्क अमीनाबाद, कैं ट रोड, शाहनजफ रोड, नियामत उल्ला रोड, विशाल खंड, गोमती नगर, विक्रांत व विशेष खंड के बीच।

सबसे आधिक जोन दो में
जो रिपोर्ट तैयार की गई थी, उसके मुताबिक सड़क, फुटपाथ और पार्क में सबसे अधिक धार्मिक स्थल जोन दो में मिले। जोन-2 में ऐशबाग, राजाजीपुरम, रकाबगंज, नाका व चारबाग का कुछ इलाका आता है। रिपोर्ट के तहत 2011 के पहले 50 धार्मिक स्थल बन गए थे, लेकिन उसके बाद किसी नए का उल्लेख नहीं किया गया है।

शहर में 2011 से पहले के धार्मिक स्थल
जोन एक--25
जोन दो--50
जोन तीन--25

जोन चार--03
जोन छह--08
जेान सात--43
जोन आठ--34 (एक निर्माण 2011 के बाद का)
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