यह भी मांग की गई है कि सेवानिवृत्त के बाद राज्यकर्मियों को 1 अप्रैल 2005 से पूर्व की भांति सुनिश्चित पेंशन और सेवानिवृत्ति के लाभ मिलने चाहिए। इसके लिए पूरी स्थिति की समीक्षा की मांग की गई। इस सब बिन्दुओं पर विचार-विमर्श के बाद समिति गठित करने का फैसला किया गया। यह समिति सभी संबंधित पक्षों और अन्य से बातचीत करके दो महीने में अपनी सिफारिश शासन को उपलब्ध कराएगी।
ये होंगे इस समिति में शामिल
अपर मुख्य सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक- अध्यक्ष
अध्यक्ष, पेंशन फंड रेग्युलेटरी डवलपमेंट अथारिटी (पीएफआरडीए) की सहमति के उपरांत उनका एक प्रतिनिधि -सदस्य
अपर मुख्य सचिव, नियोजन - सदस्य
अपर मुख्य सचिव, वित्त-सदस्य
प्रमुख सचिव - न्याय सदस्य
निदेशक पेंशन - सदस्य सचिव
डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा - विशेष आमंत्रित सदस्य
हरिकिशोर तिवारी - विशेष आमंत्रित सदस्य (समिति की आवश्यकतानुसार अन्य लोग भी आमंत्रित किए जाएंगे।)