सपा सरकार में नगर विकास मंत्री रहे आजम खां के निर्देश पर नगर निकायों से निकाले गए करीब 15 हजार संविदाकर्मियों को वापस लेने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए नगर विकास विभाग ने सभी नगर निकायों कर्मचारियों का ब्योरा मांगा है।
दरअसल, नगर निकायों में भर्ती बंद होने के कारण 1991 से विभिन्न संवर्ग के पदों पर संविदाकर्मियों से ही काम चलाया जा रहा है। इसमें पंप ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, चपरासी, माली समेत अधिकांश चतुर्थ श्रेणी के पद हैं। 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार ने इनको नियिमत करने का प्रस्ताव तैयार कराया था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से यह अटक गया था।
इसी बीच 2012 में नगर विकास मंत्री रहे मोहम्मद आजम खां के निर्देश पर सभी संविदाकर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया था। तभी से कर्मचारी संगठन इन कर्मचारियों को फिर से नौकरी पर रखे जाने की मांग कर रहे हैं।
‘स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन’ के आंदोलन को देखते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास ने 22 मार्च को संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संविदाकर्मियों को पुन: रखने पर सहमति जताई।
प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह के निर्देश पर सभी नगर आयुक्तों और नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों के अधिकारियों से उन कर्मचारियों की सूची मांगी गई है, जिन्हें आजम खां के निर्देश पर निकाला गया था।