क्वीन मेरी में जांच के लिए कैश काउंटर पर लगी लाइन। -संवाद
लखनऊ। केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में गर्भवतियों को इलाज और जांच कराने के लिए सोमवार को घंटों परेशानी उठानी पड़ी। सुबह से कैश काउंटर पर एक कर्मचारी के गायब रहने के कारण महिलाओं को पर्चा बनवाने में ही दो घंटे से ज्यादा का समय लग गया। परचा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने और अल्ट्रासाउंड तक पहुंचने में छह से सात घंटे लग रहे हैं।
संवाद रिपोर्टर की पड़ताल में सुबह आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक लाइन में लगी महिलाएं गुस्से में अस्पताल प्रशासन पर नाराजगी जताती दिखीं। इसी दौरान भीड़ बढ़ने से धक्कामुक्की की नौबत आ गई। कई गर्भवती महिलाएं थककर जमीन पर बैठ गईं।
गर्भवती को कुछ हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी मुबारकपुर से आई एक महिला ने वीडियो में कहा, “अगर धक्का लगने से किसी गर्भवती को कुछ हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा? अधिकारी अंदर बैठे हैं और बाहर लोग परेशान हैं।” उसने बताया कि वह सुबह आठ बजे से लाइन में हैं, लेकिन दोपहर एक बजे तक जांच के लिए पैसे जमा नहीं हो पाए।
अमेठी से बहू को दिखाने पहुंची दुर्गावति सुबह आठ बजे ही लाइन में लग गईं, लेकिन दोपहर डेढ़ बजे तक उनका नंबर नहीं आया। इससे वह काफी परेशान नजर आईं। बताया कि ऐसे में जरूरी जांच भी आगे टलने की आशंका है।
प्रवक्ता, केजीएमयू डॉ. केके सिंह के अनुसार ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। गैरहाजिर कर्मचारी दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। भीड़ प्रबंधन में हुई लापरवाही पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
क्वीन मेरी में जांच के लिए कैश काउंटर पर लगी लाइन। -संवाद
क्वीन मेरी में जांच के लिए कैश काउंटर पर लगी लाइन। -संवाद