लखनऊ में कृषि विभाग के एक कर्मचारी की कोरोना जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कर्मचारी की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई थी। पॉजिटिव आने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने चुनाव ड्यूटी काटने से इनकार कर दिया। कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने जब धरने पर बैठने की चेतावनी दी तब कहीं जाकर इस कर्मचारी की ड्यूटी चुनाव से काटी गई।
तीसरे चरण में शामिल हैं 20 जिले
यूपी पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में 20 जिले शामिल हैं, जिनमें शामली, मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, कासगंज, फिरोजाबाद, औरैया, कानपुर देहात, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, उन्नाव, अमेठी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, देवरिया, चंदौली, मिर्जापुर और बलिया हैं। यहां 26 अप्रैल को मतदान होगा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री अतुल मिश्रा का कहना है कि प्रतिदिन 100 से 200 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। बावजूद इसके सरकार चुनाव कराने पर आमादा है जो गलत है। कई ऐसे लोगों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है जो पॉजिटिव हैं। कर्मचारियों की जान खतरे में है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस चुनाव को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए।
उत्तर प्रदेश के लोनिवि मिनि.एसोसिएशन के प्रवक्ता सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में कोविड प्रोटोकॉल का कोई पालन नहीं हो रहा है। 19 अप्रैल के चुनाव में कई बीमार कर्मचारियों को उनके बच्चे चुनाव ड्यूटी पर ले कर आए थे। दरखास्त के बावजूद भी उनकी ड्यूटी नहीं काटी गई थी। मेरी खुद की ड्यूटी 18 अप्रैल की शाम 4:30 बजे अचानक सहयोगी के रूप में आ गई। हम फिर से पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से मांग करेंगे कि चुनाव स्थगित कर दिए जाएं।