अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री मो. आजम खां के कार्यक्रम में उस समय हंगामा हो गया जब ऑल इंडिया मदरसा मॉडर्न टीचर्स एसोसिएशन के नेताओं ने सीट पर खड़े होकर मदरसा शिक्षकों की ओर ध्यान न देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मदरसा मॉडर्नाइजेशन के शिक्षक भूखे मर रहे हैं, उन पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस पर आजम खां भड़क गये। उन्होंने इन लोगों को खूब खरी-खोटी सुनाई।
आजम ने कहा कि ‘... कर दिया न खराब अल्पसंख्यक अधिकार दिवस को। बताओ कहां से पैसा मिला है कार्यक्रम खराब करने के लिए...। किसने तुम्हे यहां भेजा है...।’ उन्होंने कहा कि अपने कौम की बदनसीबी तो देख लो यहां पर आस्तीनों में बुत हैं।
फिर शुरू हुआ आजम को मनाने का दौर...
आजम खां इतने नाराज हुए कि कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर जाने लगे। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के बीच मैं एक पल भी रुकना नहीं चाहता। इसी बीच विरोध करने वाले इन शिक्षकों की वहां मौजूद अन्य लोगों से भिड़ंत हो गई।
आजम के समर्थकों ने इन लोगों को कार्यक्रम स्थल से बाहर जाने के लिए कहा। विभाग के सचिव एसपी सिंह व अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। काफी देर तक यहां पर हंगामा चलता रहा। कार्यक्रम के आयोजकों ने नाराज आजम खां को मनाने की खूब कोशिश की।
इस बीच अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि वे ऐसा कोई भी काम न करें जिससे शर्मिंदगी महसूस हो।
‘...यदि मैं तुम्हारा हमदर्द नहीं तो कोई भी नहीं
आजम खां की नाराजगी देख आयोग के अध्यक्ष इतने भावुक हो गये कि वे मंच पर ही अपील करते-करते रो पड़े। वहीं, मंच पर मौजूद आयोग के सदस्य व अन्य लोग आजम को मनाने में लग गये। काफी मान-मनौव्वल के बाद आजम खां माने और कार्यक्रम में रुक गये।
उन्होंने आयोग के अध्यक्ष शकील अहमद से कहा कि वे परेशान न हों इसमें उनकी कोई गलती नहीं है।
अंत में उन्होंने मदरसा मॉडर्नाइजेशन के शिक्षकों से कहा कि यदि वे पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘...यदि मैं भी तुम्हारा हमदर्द नहीं हूं तो कोई भी हमदर्द नहीं हो सकता है।’
अंत में उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि हमारे छोटे भाई से गलती हुई तो हम सभी भाइयों का फर्ज है कि उसे माफ कर दिया जाये। बाद में इन शिक्षक नेताओं ने भी आजम खां के समर्थन में सीट पर खड़े होकर खूब नारे लगाये।