उन्नाव के माखी गांव में रेप पीड़िता के पिता की मौत के मामले में शासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्नाव जिला अस्पताल के सीएमएस और ईएमओ को निलंबित कर दिया।
साथ ही तीन चिकित्सकों पर विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की है। सभी पर दायित्वों और कर्तव्यों के प्रति घोर उदासीनता व लापरवाही बरतने का आरोप है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद सरकार ने इन डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को दो डॉक्टरों के निलंबन और तीन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए।
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि उन्नाव जेल में विचाराधीन बंदी की उमाशंकर दीक्षित जिला पुरुष चिकित्सालय में उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है।
सीएमओ व जिलाधिकारी उन्नाव की रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए गए सीएमएस डॉ. डीके द्विवेदी और ईएमओ डॉ. प्रशांत उपाध्याय को निलंबित किया गया है।
दोनों को महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं से सम्बद्ध किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ परामर्शदाता सर्जन डॉ. जीपी सचान, आर्थो सर्जन डॉ. मनोज कुमार, ईएमओ डॉ. गौरव अग्रवाल को जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरतने का प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है।
इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय कार्रवाई के लिए निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उप्र को जांच अधिकारी नामित किया गया है।