कोरोना ने लखनऊ के सरकारी अस्पतालों की इमरजेंसी में होने वाले ऑपरेशन पर भी ब्रेक लगा दिए हैं। हादसे में जख्मी होने वाले मरीजों को दूसरे सेंटर रेफर किया जा रहा है, जबकि वहां लोड बढ़ने से मरीजों को लौटा दिया जा रहा है।
इससे परेशानी और बढ़ गई है। वहीं, अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि रूटीन ऑपरेशन बंद हुए हैं। हालांकि, सच यह है कि इमरजेंसी ऑपरेशन भी नहीं हो रहे हैं।
बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु समेत अन्य अस्पतालों में हादसे में जख्मी हुए मरीजों के ऑपरेशन किए जाते थे, लेकिन कोरोना की वजह से रूटीन इमरजेंसी ओटी बंद कर दी गई है। इमरजेंसी में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। मरीजों को लोहिया समेत दूसरे संस्थान भेजा जा रहा है।
बीपीएल, असाध्य मरीजों का इलाज मुश्किल
हर अस्पताल में होते थे चार-पांच केस : बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु अस्पताल में रोजाना चार से पांच केस इमरजेंसी में किए जाते थे। इसमें ऑर्थो, न्यूरो सर्जरी, जनरल सर्जरी, नाक-कान गला समेत अन्य विभागों के ऑपरेशन होते थे।
केजीएमयू के वार्डों में भर्ती बीपीएल और असाध्य मरीजों को पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। केजीएमयू को दवाएं उपलब्ध कराने वाले मेडिकल स्टोर संचालक ने पत्र लिखकर दवाओं की आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही है।
कैंसर, गुर्दा, दिल के मरीजों और एसिड अटैक समेत दूसरी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लोकल परचेज के तहत मिलने वाली दवाओं में कमी आ रही है, जबकि असाध्य, आयुष्मान व अन्य योजनाओं में मुफ्त इलाज के निर्देश हैं।
अभी कोई इमरजेंसी का मामला नहीं आया है। जो केस आएंगे, वे कराए जाएंगे। - डॉ. डीएस नेगी, निदेशक, सिविल, लोकबंधु अस्पताल
संस्थान में इमरजेंसी चल रही है। जिस ऑपरेशन की सुविधा अस्पताल में है, वे वहीं कराए जाएं, ताकि लोगों की मूवमेंट न हो। - प्रो. एके. त्रिपाठी, निदेशक लोहिया संस्थान