सपा प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि यदि आडवाणी और सोमनाथ चटर्जी जैसे वरिष्ठ नेता फिर आपातकाल की आशंका जता रहे हैं, तो उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
लेकिन इतना तय है, जो भी राजसत्ता, जनसत्ता की आशाओं, आकांक्षाओं की उपेक्षा करेगी, उसका हश्र 1977 के चुनावी नतीजों जैसा होगा।
चौधरी ने कहा, लोकतंत्र पर 1975 में जब कांग्रेस ने प्रहार किया और संविधान को परे रखकर अपनी तानाशाही थोपनी चाही तो राजतंत्र को जनशक्ति ने करारा जवाब देकर लोकतंत्र बहाल कराया था।
उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार का एक साल पूरा हो गया है।
बड़े जोर-शोर से कहा गया कि सालभर में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा। लेकिन, वादाखिलाफी भी भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।