पुलिस के साये में रहीं इमरजेंसी सेवाएं
लखनऊ। केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी में रविवार को इमरजेंसी सेवाएं पुलिस के साये में दी गईं। यहां मुख्य गेट से लेकर वार्ड तक सुरक्षाकर्मी मौजूद रहें। रेजीडेंट मरीजों के इलाज में लगे रहे, लेकिन इस व्यवस्था से तीमारदार सशंकित नजर आए। रविवार को सुबह से शाम करीब चार बजे तक इमरजेंसी में 35 मरीजों का इलाज किया गया।
केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी में महिला की मौत के बाद हुए हंगामे पर रेजीडेंटों ने काम करने से मना कर दिया था। शनिवार दोपहर पीएसी व पुलिस कर्मियों की तैनाती के बाद इमरजेंसी खोली गई। रविवार को पीएसी के कुछ जवान मुख्य गेट पर तैनात रहे तो कुछ वार्ड के गेट पर रहे। इस दौरान इमरजेंसी में आने वाले मरीज के तीमारदार सशंकित नजर आए। मरीज लेकर आने वाले तीमारदारों को गेट पर ही रोक दिया गया। इमरजेंसी में मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार को अंदर जाने की इजाजत दी गई है। यहां बनी पुलिस चौकी में एक उप निरीक्षक व चार कांस्टेबल तैनात किए गए हैं।
लगेगी क्यूआरटी
केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में एक पुलिस चौकी पहले से बनी हुई है, जबकि दूसरी शनिवार को बनाई गई। रविवार को कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट, सीएमएस प्रो. एसएन शंखवार ने एसएसपी से मुलाकात की। सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा हुई। तय हुआ है कि लारी कार्डियोलॉजी में बनी अस्थायी पुलिस चौकी को स्थायी किया जाएगा। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन जगह देगा। इसी तरह ट्रॉमा और लारी के बीच क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) भी तैनात की जाएगी। यह 24 घंटे मौजूद रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था होगी कड़ी
सुरक्षा के मुद्दे को गंभीरता से लिया गया है। एसएसपी ने क्यूआरटी व पुलिस चौकी को स्थायी करने का आश्वासन दिया है। परिसर में सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। न्यू ओपीडी में भी सुरक्षा दस्ता बढ़ेगा।
- प्रो. संदीप तिवारी, मीडिया प्रभारी- केजीएमयू