सोहेलवा सेंचुरी के बरहवा रेंज में पानी की तलाश में जंगल से भटककर निकले हाथी की शनिवार रात लटकते हाईटेंशन तार की चपेट में आकर मौत हो गई।
ग्रामीणों ने इस घटना के लिए पावर कॉर्पोरेशन को दोषी ठहराया है। वन विभाग की टीम ने हाथी का पोस्टमार्टम कराकर उसका शव दफना दिया।
शनिवार रात बरहवा रेंज गनेशपुर बीट के निकट बसे बेली नैकिनियां गांव के पास जंगल से भटक कर दो हाथी घूम रहे थे। ग्रामीणों के मुताबिक दो हाथी रात में चिंघाड़ रहे थे।
रविवार की सुबह ग्रामीणों ने देखा तो गांव के पास निर्माणाधीन राप्ती नहर की पटरी पर एक हाथी 10 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार से चिपका हुआ था।
ग्रामीणों का कहना है कि यह तार पिछले एक साल से लटक रहा है। गत वर्ष इसी तार की चपेट में आकर एक बच्चे की भी मौत हो गई थी।
कई बार शिकायत के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन के कर्मियों ने जर्जर तथा ढीले हाईटेंशन तार की मरम्मत नहीं की। यही हाईटेंशन तार आज हाथी की मौत का कारण बन गया।
वनकर्मियों ने बताया कि गर्मी बढ़ने पर हाथी पानी की तलाश में अक्सर आबादी के इलाकों में निकल आते हैं। दोनों हाथी भी शायद इसी वजह से जंगल से भटककर बाहर निकले थे।
यह कहना है अफसरों का
इस पर बलरामपुर के डीएफओ जीपी सिंह का कहना है कि बेली नैकिनियां गांव के पास हाईटेंशन तार की चपेट में आकर मरने वाले हाथी का डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया है। हाथी का शव दफना दिया गया है। घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है।
सिंचाई विभाग ने नहीं कराई लाइन की शिफ्टिंग
वहीं, एक्सईएन पावर कारपोरेशन बलरामपुर के मोतीलाल का कहना है कि नहर का निर्माण करा रहे सिंचाई विभाग ने निर्माण के पहले बनी हाईटेंशन लाइनों की शिफ्टिंग नहीं कराई।
सिंचाई विभाग की मनमानी के चलते हाथी के साथ हादसा हुआ है। मामले की जांच कराई जा रही है। साथ ही हाईटेंशन लाइन की शिफ्टिंग का काम भी करा दिया जाएगा।
दोषी के खिलाफ होगी कार्रवाई
मामले पर यूपी के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव का कहना है कि बेली नैकिनियां गांव के पास जंगली हाथी के साथ हुई घटना की जांच का आदेश दे दिया गया है। हाथी की मौत के कारणों का खुलासा किया जाएगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।