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कानपुर में 24 फीट गहरे बोरवेल में गिरी बच्ची ‘खुशी’ की मौत

Sun, 03 Apr 2016 11:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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मृत अवस्‍था में मिली बच्ची - फोटो : amar ujala
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नवाबगंज में रविवार सुबह 24 फीट गहरे बोरवेल में गिरी डेढ़ साल की बच्ची खुशी को नहीं बचाया जा सका। टीबी हॉस्पिटल के सामने बच्ची के बोरवेल में गिरने का पता चलते ही जिला प्रशासन, सेना की रेस्क्यू टीम, बरेली से आई नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स ने सामूहिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 9 घंटे बाद शाम 5.30 बजे बच्ची को बाहर निकालकर तुरंत हैलट पहुंचाया।
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अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की मौत बोरवेल में गिरने के डेढ़-दो घंटे बाद ही हो गई थी।

गोंडा के खोड़ारे थानाक्षेत्र सवना गांव का रहने वाला मजदूर राम केवल कुशवाहा नवाबगंज टीबी हॉस्पिटल के सामने बस्ती में परिवार के साथ रहता है।

रामकेवल ने बताया कि होली पर बड़ा भाई सोनू अपनी पत्नी श्यामा और तीन बच्चों डेढ़ साल की बेटी खुशी, भोला (7) और शांतनु (16) को  यहां छोड़कर गांव चला गया। यहां श्यामा का इलाज होना था।
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बस्ती की तरफ लौट रही थी अचानक गिरी गड्डे में

बोरवेल - फोटो : amar ujala
रविवार सुबह श्यामा बच्चों के साथ बस्ती के बगल में खाली जगह पर गई थी। इसी दौरान खुशी दौड़कर बस्ती की तरफ लौट रही थी कि वहां बने 24 फीट गहरे बोरवेल में गिर गई। श्यामा की चीखपुकार सुनकर बस्ती के लोग जमा हो गए।

पुलिस कंट्रोल रूम की सूचना पर नवाबगंज एसओ उदय यादव मौके पर फायर ब्रिगेड के साथ पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी।

आधे घंटे बाद ही मेजर सीपी बडोला, कर्नल दुष्यंत सिंह, एडीएम सिटी अविनाश सिंह सेना की स्पेशल रेस्क्यू फोर्स के साथ पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
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बोरवेल में पाइप डालकर पहुंचाई ऑक्सीजन

रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा करने के बाद वापस लौटती सेना - फोटो : amar ujala
डॉक्टरों की टीम ने बोरवेल में पाइप डालकर लगातार ऑक्सीजन पहुंचाई। नगर निगम की तीन जेसीबी मशीनों से बोर के समानांतर खुदाई की गई।

दोपहर बाद बरेली से हेलीकॉप्टर से नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) आई और पोकलैंड मशीन मंगवाकर खुदाई की। फिर सेना की टीम ने हाथ से खुदाई की और उस स्थान तक पहुंची, जहां बच्ची फंसी थी।

9 घंटे बाद बच्ची को बोरवेल से बाहर निकाला गया। पहले से मुस्तैद डॉक्टरों की टीम ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
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