2 से 4 केवी केबीच का फिक्स चार्ज समाप्त
वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के मामले में 2 केवी से 4 केवी के बीच का फिक्स चार्ज (390 रुपया प्रति केवी प्रतिमाह) को समाप्त कर दिया गया है। अब 4 केवी के उपभोक्ता को प्रति किलोवाट 60 रुपये का फायदा होगा। ऐसे में 2 केवी पर 120 फायदा होगा। इसी प्रकार सरकार की मंशा को देखते हुए प्रदेश के किसानों की दरों की यथावत रखा गया है। चूंकि सरकार 1 जनवरी 2022 से वर्तमान दर में 50 प्रतिशत की छूट दे रही है, वहीं आगे भी जारी रहेगी।
उप्र विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग द्वारा जारी नये बिजली दर में बढ़ोत्तरी नहीं किए जाने पर मुख्यमंत्री और आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों के प्रति आभार जताया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा बिजली दर में वद्धि के खिलाफ परिषद पिछले तीन साल से लड़ाई लड़ रहा था। इसका ही परिणाम है कि लगातार तीसरे साल बिजली दरों में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह मुख्यमंत्री से मिलकर बिजली दरों को कम करने के बारे में उपभोक्ताओं का पक्ष रखेगा।
विद्युत आपूर्ति लागत में भी कटौती
बिजली कंपनियों ने जहां औसत विद्युत आपुर्ति की लागत 8.43 रुपये प्रति यूनिट मांगा था, वहीं नियामक आयोग में इसमें कटौती करते हुए 7.53 रुपये प्रति यूनिही ही अनुमोदित किया है। बिजली कंपनियों ने जहां छह हजार 700 करोड़ गैप दिखाया था, वहीं अब बिजली कंपनियों के ऊपर उपभोक्ताओं का ही 3088 करोड़ रुपये सरप्लस निकल आया है।
नोएडा पावर कंपनी की दर में 10 प्रतिशत की कमी
नोएडा पावर कंपनी के मामले में विद्युत नियामक आयोग ने गठन के बाद पहली बार बिजली दरों में 10 प्रतिशत कमी की है, क्योंकि नोएडा बिजली कंपनी का एवरेज बिलिंग रेट अधिक थी और औसत विद्युत लागत कम थी। सिर्फ 2021-22 तक 1176 करोड़ सरप्लस कमाया था। जिसके आधार पर आयोग ने उपभोक्ता परिषद की मांग पर दरों में कमी की है।
आयोग ने खुद का बनाया नया स्लैब
विद्युत नियामक आयोग ने जहां पावर कारपोरेशन के स्लैब में परिवर्तन को खारिज करते हुए स्वत: अपना एक स्लैब परिवर्तन बनाया है। जिसमें किसी भी उपभोक्ता को नुकसान नहीं होगा। आयोग ने 80 स्लैब को घटकार 59 कर दिया, लेकिन किसानों और अस्थाई कनेक्शन, इलेक्ट्रिकल व्हीकल, उद्योग, सिंचाई और ग्राम पंचायत के स्लैब में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है, जबकि और सभी श्रेणी में स्लैब में सरलीकरण किया गया है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि स्लैब परिवर्तन से किसी नुकसान न होने पाये
सरकार ने पूरी की संकल्प पत्र की घोषणा
प्रदेश सरकार ने इस बार स्लैब में यूनिट वाइज सब्सिडी के एलान किया था। सबसे अधिक सब्सिीडी बीपीएल उपभोक्ताओं को 3.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से सब्सिीडी दी गई है। जिसकी वजह से आज बीपीएल उपभोक्ताओं की बिजली दल 100 यूनिट तक केवल 3 रुपये प्रति यूनिट ही रहेगी। यह वहीं दर है जिसे सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कहा था।