अखिलेश के तलाक को मैं स्वीकार करता हूं...
राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव के तलाक को मैं स्वीकार करता हूं। इस तलाक के पीछे मौलाना संदीप भदौरिया, अरविंद सिंह और नरेश उत्तम पटेल समेत अखिलेश के नौ रत्न हैं। ये वही लोग हैं जो अपना बूथ तक नहीं जिता सकते। समाजवादी पार्टी किसी के साथ ज्यादा दिन नहीं रहती। ये न कांग्रेस के साथ ही टिक सके और न ही बसपा के साथ।
बसपा के साथ जुड़ने पर कहा, बात फाइनल हो जाएगी तो सबको बता दूंगा...
राजभर ने बसपा के साथ जुड़ने पर कहा कि अभी बात नहीं हुई है। जब बात फाइनल हो जाएगी मैं सबको बता दूंगा। अभी मेरी शिवपाल यादव से बात नहीं हुई है। जैसे ही बात होगी मैं भविष्य की रणनीति बताऊंगा। राजभर ने कहा कि सपा में कोई भी नेता दलितों-पिछड़ों की बात नहीं कर सकता। अगर कोई हिस्सेदारी मांगेगा तो जुबान काट ली जाएगी। विधानसभा चुनाव और लोकसभ चुनाव में मैंने पिछड़ों के लिए हिस्सेदारी मांगी लेकिन उसे नजरअंदाज किया गया। मेरी बात उनको नागवार लगी उसी का नतीजा है कि आज तलाक हो गया। उन्होंने कहा कि सियासत का रूप बदलता रहता है। पहले भी भाजपा व पीडीपी एक साथ गठबंधन कर चुके हैं। सपा के कितने विधायक उनके संपर्क में हैं। इस बात को वह हंसी में टाल गए।
शिवपाल ने दिया जवाब, बोले- हमेशा ही स्वतंत्र रहा
सपा की तरफ से पत्र जारी होने पर शिवपाल यादव ने जवाब दिया है कि वह हमेशा ही स्वतंत्र रहे हैं लेकिन समाजवादी पार्टी के पत्र ने औपचारिक रूप से स्वतंत्र कर दिया है। इसके लिए उनका आभार। शिवपाल ने कहा कि राजनीतिक यात्रा में सिद्धांत एवं सम्मान से समझौता अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच में रहते हैं और जनता के लिए निरंतर कार्य करेंगे। अगले कदम के बारे में कहा कि जल्द ही इसकी घोषणा करेंगे।