अब दस हजार रुपये से ज्यादा का लेसा का बिल बकाया होने पर इंजीनियर व ठेकेदार कर्मचारी बिजली कनेक्शन काटने के लिए दस्तक देने नहीं आएंगे। इनकी बिजली ऑनलाइन रिमोट से कटेगी और इससे ही जुड़ेगी। इसके लिए पूरे जिले (शहर व गांव मिलाकर) के कुल 8,37,663 उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर डिवाइस युक्त स्मार्ट मीटर लगेंगे। अब तक 1,05000 के कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। बाकी के लिए मध्यांचल निगम ने 7.50 लाख स्मार्ट मीटर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया। इसे यूपी पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक मंडल की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है।
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मध्यांचल निगम के मुख्य अभियंता (वाणिज्य) अशोक कुमार ने बताया कि नए स्मार्ट मीटर लगाने की कार्ययोजना तैयार की है। ये सबसे पहले लगभग 45 हजार खराब मीटर बदल कर लगाए जाएंगे। इसके बाद बहुखंडीय इमारतों के घरेलू व वाणिज्यिक, सरकारी कॉलोनियों, पुराने शहर व गांव में मीटर लगेंगे। वहीं, उपभोक्ताओं को नए कनेक्शन भी स्मार्ट मीटर से ही दिए जाएंगे। अभी चिनहट, बीकेटी, रहीमनगर, चौक, ठाकुरगंज, अपट्रान खंड में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
मुफ्त में लगाए जा रहे मीटर
मध्यांचल निगम की ओर से उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर मुफ्त में लगाए जा रहे हैं। मुख्य अभियंता (ट्रांस गोमती) प्रदीप कक्कड़ ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने का कोई पैसे मांगे तो टोल फ्री नंबर 1912 पर शिकायत कर सकते हैं।
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इन खंडीय इलाकों में लगेंगे मीटर
वृंदावन, आलमबाग, हुसैनगंज, राजभवन, अमीनाबाद, राजाजीपुरम, ऐशबाग, डालीगंज, महानगर, विश्वविद्यालय, सीतापुर रोड, इंदिरानगर, मुंशीपुलिया, गोमतीनगर, सेस-प्रथम, सेस-द्वितीय, सेस-तीन मोहनलालगंज, सेस-चार मलिहाबाद के इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।
मोबाइल, ई-मेल पर देंगे सूचना
सर्किल-10 के अधीक्षण अभियंता बीके चौधरी ने बताया कि 10 हजार रुपये से अधिक का बिल होने पर उपभोक्ता की बिजली काटने से पहले उसे मोबाइल नंबर एवं ई-मेल पर सूचना दी जाएगी। स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान इनका ब्योरा दर्ज किया जाएगा।
...तो ऐसे कटेगी बिजली
शक्ति भवन स्थित केंद्रीय कंट्रोल रूम से बकायेदार की बिजली काटी एवं जोड़ी जाएगी। यहां सभी उपभोक्ताओं की कुंडली रहेगी। उनके घर पर लगे मीटर में डिवाइस के रूप में सिम लगा होगा। लेसा अफसर जब किसी उपभोक्ता की बत्ती काटने को कहेेंगे तो कंट्रोल रूम से सॉफ्टवेयर की कमांड डिवाइस में पहुंचेगी और वह मीटर से बत्ती को काट देगी।
लेसा में अधिशासी अभियंताओं ने बकायेदाराें की बत्ती काटने के लिए ठेका दे रखा है। तीन कर्मियों की टीम महीने भर बकायेदारों की बत्ती काटती है तोे उसे 20 से 25 हजार रुपये का भुगतान (प्रति कनेक्शन काटने का रेट फिक्स है) करना पड़ता है। लेकिन कनेक्शन काटने में खेल होता है। अधिकतर ठेकेदार सरकारी रिकॉर्ड में कागजों पर बत्ती काटना दर्शाते है, जबकि असल में बकायेदार की बत्ती जलती रहती है।
स्मार्ट मीटर से बिल की वसूली आसान
लेसा में ट्रायल पर स्मार्ट मीटर लगाए गए, जो सफल रहे। स्मार्ट मीटर कनेक्शन धारक से बिल की वसूली आसानी से हो रही है। इनका 10 हजार रुपये से अधिक का बिल बकाया होने पर रिमोट से बिजली काट दी जाती है। बकाया जमा होने पर रिमोट से बिजली जोड़ दी जाती है। जिले भर में स्मार्ट मीटर लगने शुरू हो चुके हैं। - संजय गोयल, प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ