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बिजली दरों के नए स्लैब पर नहीं हो पाया प्रस्तुतीकरण, नियामक आयोग से मांगा और वक्त

Sat, 29 Aug 2020 04:05 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक - फोटो : LOGO
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बिजली दरों के नए स्लैब पर पावर कॉर्पोरेशन शुक्रवार को राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुतीकरण नहीं कर पाया। पावर कॉर्पोरेशन ने स्लैब के प्रस्तुतिकरण व अन्य संबंधित जानकारियां उपलब्ध कराने के लिए नियामक आयोग से और वक्त मांगा है। इस बीच राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि सरकार दरों में कमी के लिए आयोग को निर्देश देकर उपभोक्ताओं को राहत दिलाए।
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नियामक आयोग ने  गुरुवार को पावर कॉर्पोरेशन को आदेश दिया था कि नए स्लैब में दरें प्रस्तावित करते हुए उसका सार्वजनिक प्रकाशन कराया जाए। साथ ही आयोग ने पावर कॉर्पोरेशन को शुक्रवार को नए स्लैब के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण करके इसके औचित्य एवं अन्य पहलुओं की जानकारी देने को कहा था।

प्रस्तुतिकरण के लिए शुक्रवार 3.30 बजे का वक्त तय किया गया था, लेकिन पावर कॉर्पोरेशन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। सूत्रों के अनुसार पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक ने आयोग के सचिव को फोन करके प्रस्तुतिकरण और अन्य सूचनाएं तैयार कराने के लिए थोड़ा वक्त मांगा है।
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हालांकि शाम तक कॉर्पोरेशन की ओर से आयोग को औपचारिक रूप से कोई पत्र नहीं मिला था। सूत्रों का यह भी कहना है कि पावर कॉर्पोरेशन स्लैबवार दरें प्रस्तावित करने से बच रहा है। पावर कॉर्पोरेशन के अगले कदम और नियामक आयोग के रुख पर अब सोमवार को ही स्थिति साफ होने की उम्मीद है।
 
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जनता प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से 10 दिन में मांगा जवाब

नए स्लैब को लेकर शुरू हुई रस्साकसी के बीच आयोग ने बिजली दरों पर उपभोक्ता परिषद की ओर से दाखिल किए गए जनता प्रस्ताव पर पावर कॉर्पोरेशन से 10 दिन में जवाब मांगा है। इससे भी पावर कॉर्पोरेशन में खलबली है। दूसरी तरफ, राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को दरों पर अपना प्रस्ताव सौंपकर कोरोना काल में जनता को राहत दिलाने का अनुरोध किया है।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने मांग की कि सरकार विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए आयोग को दरों में कमी करने का निर्देश दे। साथ ही उन्होंने जनता प्रस्ताव में घरेलू श्रेणी के लिए प्रस्तावित दरों को लागू कराने का भी अनुरोध किया है। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद को यह आश्वस्त किया कि सरकार आम उपभोक्ताओं के साथ अन्याय नहीं होने देगी। परिषद के जनता प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
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