विधानसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण में सबसे ज्यादा दागी उम्मीदवार हिस्सा ले रहे हैं। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास और बलात्कार के आरोपी भी हैं। सातवें चरण में समाजवादी पार्टी के सबसे अधिक दागी उम्मीदवार मैदान में हैं।
वहीं, इस चरण में करोड़पति प्रत्याशियों की संख्या सबसे कम है। इलेक्शन वॉच ने रविवार को सातवें चरण के चुनाव में हिस्सा ले रहे उम्मीदवारों की आर्थिक, आपराधिक और शैक्षिक स्थिति की रिपोर्ट जारी की।
सात जिलों की 40 सीटों पर 8 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए 535 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 528 उम्मीदवारों के हलफनामे का इलेक्शन वॉच ने अध्ययन किया। सात उम्मीदवारों का हलफनामा पढ़ने लायक नहीं था।
सातवें चरण में 115 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कुबूल की है। इनमें 95 उम्मीदवारों पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। नौ उम्मीदवारों पर हत्या और 15 प्रत्याशियों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। वहीं, 6 प्रत्याशियों पर महिला उत्पीड़न का मामला दर्ज है। पांच उम्मीदवारों ने अपने ऊपर अपहरण का केस रजिस्टर होने की बात कबूल की है। 535 उम्मीदवारों में से 132 उम्मीदवार करोड़पति हैं।
मैदान में सबसे अधिक दागी सपा के
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इस चरण के सात जिलों की 40 सीटों में से 31 सीटों पर सपा ने प्रत्याशी उतारे हैं, इनमें से 19 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं भाजपा के 31 उम्मीदवारों में से 13 तथा बसपा के 40 में से 17 उम्मीदवार दागी हैं।
कांग्रेस के नौ प्रत्याशियों में से पांच पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर धाराओं में दर्ज मुकदमों में भी सपा सबसे आगे है। सपा के 15 उम्मीदवारों पर गंभीर मामले दर्ज हैं।
वहीं, बसपा के 15 और भाजपा के 9 उम्मीदवारों पर गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। 40 में से 23 सीटें ऐसी हैं, जहां 3 या उससे अधिक दागी प्रत्याशी मैदान में हैं।
सबसे कम करोड़पति उम्मीदवार इसी चरण में किस्मत आजमा रहे हैं। 528 में से 132 उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये या उससे अधिक बताई है।
इसमें बसपा नंबर एक पर है। बसपा के 40 में से 32, भाजपा के 31 में से 23, सपा के 31 में से 21 और कांग्रेस के 9 में से सात उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति एक करोड़ या उससे अधिक घोषित की है।
देखें, प्रत्याशियों की औसत संपत्ति
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- फोटो : डेमो
सभी प्रत्याशियों की संपत्तियों को मिला दिया जाए तो एक प्रत्याशी की औसत संपत्ति 1.58 करोड़ रुपये है। बसपा प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 7.20 करोड़ रुपये, भाजपा के प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 5.63 करोड़ रुपये और सपा के प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 3.74 करोड़ रुपये जबकि कांग्रेस प्रत्याशियों की औसत संपत्ति 2.73 करोड़ रुपये है। तीन उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है।
इस चरण में 46 प्रतिशत उम्मीदवार ऐसे हैं जिनकी शिक्षा स्नातक या उससे अधिक है। वहीं 43 प्रतिशत उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता कक्षा पांच से इंटरमीडिएट के बीच है।
आयु वर्ग की बात करें तो कुल 376 यानी 71 प्रतिशत उम्मीदवारों की उम्र 50 साल से कम है। 147 उम्मीदवारों की उम्र 50 से 80 के बीच और दो उम्मीदवार 80 साल से अधिक उम्र के हैं। इस चरण में 47 महिलाएं भी किस्मत आजमा रही हैं।