सपा ने सोमवार को प्रदेश के सांसदों, विधायकों, प्रत्याशियों और प्रभारियों समेत सभी प्रमुख नेताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटने के निर्देश दिए।
पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव ने उनमें जोश भी फूंका और नसीहतें भी दीं। मंत्री उनके निशाने पर रहे।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों के क्षेत्रों में पार्टी हारी तो दिक्कतें होंगी।
उन्होंने केंद्र में तीसरे विकल्प की स्थिति में सपा की संभावनाओं को बहुत प्रबल बताया और दिल्ली में सरकार बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सांसद जिताने की अपील की।
पार्टी मुख्यालय में प्रमुख नेताओं की सभा में मुलायम ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक स्थिति में तीसरे विकल्प में सपा की बड़ी भूमिका तय है।
सपा तीसरे मोर्चे की सबसे बड़ी पार्टी है और प्रदेश में भी इसकी बहुमत की सरकार है। समाजवादी इतिहास रचते हैं।
रायबरेली से इंदिरा गांधी को समाजवादी राजनारायण ने ही हराया था। जोखिम उठाने के सपा के चरित्र की वजह से प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, अब केंद्र की बारी है।
उन्होंने पार्टी नेताओं से कहा, वे अर्जुन की तरह चिड़िया की आंख यानी दिल्ली की गद्दी पर अपना निशाना रखें।
दिल्ली में सपा की सरकार बनेगी तो महंगाई खत्म होगी, वंचितों और कमजोर वर्ग को न्याय मिलेगा।
उन्होंने कहा, पिछली सरकार के समय हमने 39 सीटें जीती थी। तब गठबंधन सरकार थी और आज पूर्ण बहुमत की सरकार है।
ऐसे में हमें और ज्यादा सीटें जीतनी चाहिए। उन्होंने मंत्रियों से कहा, वे गांवों में जाएं। उनके क्षेत्रों में पार्टी हारी तो उनके लिए मुश्किलें होंगी।
जब वह मंत्री थे तो दो दिन गांवों में रहते थे। अब मंत्री गांवों में जाना पसंद नहीं करते। उन्होंने अखिलेश यादव से राज्यमंत्रियों को कुछ काम देने को कहा।
उन्होंने कैबिनेट मंत्री अवधेश प्रसाद को इंगित करते हुए कहा- 1977 में रामनरेश यादव की सरकार में जब मैं कैबिनेट मंत्री था तो आप मेरे राज्यमंत्री थे, मैंने काम दिया था या नहीं।
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मुलायम की इस बात को एक तरह से कैबिनेट मंत्रियों के लिए नसीहत माना गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा चुनाव में अब 120 दिन रह गए हैं।
सरकार अपना काम कर रही है। उसकी उपलब्धियों की दूसरे सूबे की सरकारें भी नकल कर रही हैं। इन योजनाओं को जनता तक पहुंचाना चाहिए। इससे अच्छा मौका कभी नहीं मिलेगा।
बिजली उत्पादन के लिए ललितपुर और इलाहाबाद में बिजलीघर लग रहे हैं। अभी जो ताकतें टीवी और प्रिंट मीडिया में दिख रही हैं, वे ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं हैं।
इस अवसर पर विधान सभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन तथा हिंदी संस्थान के अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने भी विचार रखे। सभा में सांसद डिम्पल यादव, प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी और अधिकतर मंत्री मौजूद थे।
अभी और काम की जरूरत: रामगोपाल
सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता प्रो. राम गोपाल यादव ने कहा कि सपा के खिलाफ साजिशें हो रही हैं।
देशभर में एक व्यक्ति विशेष (मोदी) को बहुत भाव दिया जा रहा था लेकिन आजमगढ़, मैनपुरी और बरेली की रैलियों के बाद लोग सपा की ताकत को मानने लगे हैं।
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जिन्हें प्रत्याशी घोषित किया गया है उनकी मदद सभी को मिलकर करनी चाहिए। चुनाव तैयारी की समीक्षा से स्पष्ट है कि अभी इसमें और ज्यादा तेजी तथा काम की जरूरत है।
भाजपाइयों पर भरोसा मत करना: आजम
आजम खां ने कहा कि सांप्रयादिय ताकतों ने हमें चुनौती दी है। ऐसे में हमें अपना लक्ष्य तय कर लेना है। हम दुविधा में नहीं रहें।
हमारा रास्ता धर्मनिरपेक्षता का है, सांप्रदायिकता का नहीं। भाजपाई मुस्कराकर मिलें तो भी उन पर विश्वास नहीं करना। ये साजिशकर्ता लोग हैं।
जहां दूसरे दलों की सरकारें हैं वहां के लोग भी मुलायम सिंह को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। वही ऐसे शख्स हैं जो धर्म से ऊपर देश को मानते हैं।