दी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट (सीएमए) के फाउंडेशन इंटरमीडिएट और फाइनल परीक्षा (दिसंबर 2021) का परिणाम जारी कर दिया गया है। राजधानी के लखनऊ चैप्टर से कुल आठ छात्र संपूर्ण सफलता प्राप्त कर सीएमए बन गए हैं।
ओवरऑल फाइनल परीक्षा में जहां 6.41 प्रतिशत छात्र सफल हुए वहीं इंटरमीडिएट प्रोग्राम में 13.07 प्रतिशत और फाउंडेशन में 68.75 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण हुए हैं।
जो आठ छात्र पूर्ण रूप सीएमए से सीएमए बन गए हैं उनमें दीक्षा रेठानी, साक्षी सिंह, शिवांगी कश्यप, सिंह निखिल कुमार नरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार सिंह, अंकित चौहान, कमलजीत सिंह और रितेश पांडेय शामिल हैं।
लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष व सचिव सीएमए रजनीश भटनागर ने बताया कि फाइनल परीक्षा में कुल 234 छात्र शामिल हुए, जिनमें से 15 सफल हुए और आठ सभी ग्रुप उत्तीर्ण कर सीएमए बन गए हैं।
जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 566 छात्र शामिल हुए, इनमें से 74 ने सफलता हासिल की है। इनमें से 32 छात्र पूर्ण रूप से उत्तीर्ण होकर फाइनल ग्रुप में प्रवेश किया है।
जबकि फाउंडेशन में 192 में से 132 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन में अरमान अंसारी ने सर्वाधिक 400 में से 382 अंक प्राप्त किए।
जबकि इंटरमीडिएट के ग्रुप एक में कपिल श्रीवास्तव ने सर्वाधिक 253 और ग्रुप दो में ऋषभ सक्सेना ने सर्वाधिक 243 अंक प्राप्त किए।
फाइनल परीक्षा के ग्रुप तीन में इकरा ने सर्वाधिक 211 और ग्रुप चार में कमलजीत सिंह ने सर्वाधिक 221 अंक प्राप्त किए हैं। लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष सीएमए रजनीश भटनागर, उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष सीएमए विनय कुमार श्रीवास्तव, सीएमए विकास श्रीवास्तव, सीएमए हनी सिंह, सीएमए राधाकांत मिश्रा समेत सभी ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी है।
मजबूत विषयों पर भी फोकस करें
दूसरे अभ्यर्थियों को सलाह है कि तैयारी के दौरान मजबूत विषयों पर भी फोकस करते रहें। मैं टाइम टेबल सेट कर पढ़ती थी। हर विषय के टॉपिक सेट कर लिए थे, जिन्हें रोजाना पढ़ना होता था। साथ ही रीविजन भी चलता रहा। 2016 से इसकी तैयारी शुरू की। इस दौरान रजत गर्ल्ड डिग्री कॉलेज बीकॉम की पढ़ाई भी पूरी की। अब जॉब कर अनुभव प्राप्त कर प्रैक्टिस करना चाहती हूं। खुद की फर्म खोलने की योजना है।
- शिवांगी कश्यप, सीएमए
कॅरिअर के ऊंचे मुकाम पर जाना है
2014 से यूपीपीसीएल में अकाउंटेंट विभाग में कार्य कर रही हूं। कॅरिअर के ऊंचे मुकाम पर जाने के लिए सीएमए करने की ठानी। मैं फाइनेंस विभाग में कॅरिअर बनाना चाहती हूं। नौकरी करने के साथ तैयारी भी जारी रखी। सुबह व शाम को कोचिंग व सेल्फ स्टडी करती रही। दूसरे अभ्यर्थियों की सलाह है कि वे कभी उम्मीद न छोड़ें। प्रतिबद्धता से आगे बढ़ते रहें। समय लगता है सफलता जरूर मिलेगी।
- साक्षी सिंह, सीएमए
लॉकडाउन में हुई बेहतर तैयारी
2008 से सीएमए की तैयारी कर रहा था। एनआरएचएम के तहत कानपुर नगर के सीएमओ कार्यालय में कार्यरत हूं। जॉब की वजह से कुछ समय के लिए ब्रेक भी लेना पड़ा, लेकिन लक्ष्य कभी नहीं छोड़ा। इंटर में ही फाउंडेशन की तैयारी के साथ सीएमए के लिए पढ़ाई की तैयारी शुरू कर दी थी। लॉकडाउन की वजह से मुझे फाइनल के ग्रुपों पर फोकस करने का समय मिला। इससे तैयारी काफी अच्छी हुई। दूसरे अभ्यर्थियों को टिप्स है कि हौसला बनाए रखें और मेहनत करते रहें।
- अंकित चौहान, सीएमए