मुलायम और शिवपाल की अनुपस्थिति में आज समाजवादी पार्टी का आठवां प्रदेश सम्मेलन शुरू हो गया। लखनऊ के रमाबाई अम्बेडकर मैदान में सम्मेलन के लिए सभी तैयारियां शुक्रवार तक पूरी कर ली गई थी। शनिवार को सम्मेलन की शुरुआत अखिलेश यादव ने की। सूत्रों के मुताबिक इस सम्मेलन में दस हजार से ज्यादा कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं।
सम्मेलन से तय होगी अखिलेश की राजनीति की दिशा
अखिलेश समर्थक
सपा सुप्रीमो से अलग होने के बाद यह सम्मेलन अखिलेश यादव के लिए और भी जरूरी हो गया है। इसकी सफलता या असफलता ही उनकी भावी राजनीति की दशा और दिशा तय करेगी। सम्मेलन से मुलायम और शिवपाल खेमे के लगभग सभी वरिष्ठ नेताओं ने किनारा कर लिया।
बीजेपी पर हमला, नरेश उत्तम की दोबारा ताजपोशी
सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ता
सम्मेलन की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के उद्घाटन भाषण से हुई। बीजेपी के छह महीने के शासन पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि इनका मुद्दा विकास नहीं है। ये लोग केवल बोलने का काम करते हैं। नोटबंदी को कितना बड़ा मुद्दा बनाया था, अब बताओ कितना भ्रष्टाचार और आतंकवाद रुका। आने वाले समय में बड़े नुकसान वाले परिणाम आएंगे। सम्मेलन में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम की एक बार फिर से ताजपोशी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में हो गई। इसके अलावा प्रमुख महासचिव, उपाध्यक्ष व महासचिवों के नामों की घोषणा भी हुई।
शिवपाल को नहीं मिला निमंत्रण
हर ओर बस अखिलेश ही अखिलेश
यह पहला मौका है जब पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव राज्य सम्मेलन में नहीं हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी इसमें शामिल नहीं हैं। उन्हें सम्मेलन के लिए निमंत्रण नहीं दिया गया है। सम्मेलन की प्रचार सामग्री में भी शिवपाल की झलक नहीं दिख रही है।