परिवहन निगम की तकनीकी इकाई के मुख्य प्रधान प्रबंधक जयदीप वर्मा के बाद उनके अधीन काम करने वाले प्रधान प्रबंधक भी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। वह कई दिनों से घर पर ही उपचार करा रहे थे। टेस्टिंग के बाद सोमवार को उनके पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आई। सोमवार को परिवहन निगम की तकनीकी इकाई के 15 कर्मियों के खून का नमूना लिया गया। उधर, निगम मुख्यालय के कार्यालय को सैनिटाइज किया गया।
संक्रमित ने जुड़वां बच्चों को जन्मा
झलकारीबाई अस्पताल में तेलीबाग निवासी कोरोना संक्रमित ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। दोनों बच्चों की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद प्रसूता होम आइसोलेशन में चली गई है। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. सुधा वर्मा ने बताया कि गर्भवती शनिवार को अस्पताल आई थी। प्रसव से पहले हुए एंटीजन टेस्ट में महिला संक्रमित मिली।
विभिन्न अस्पतालों में सोमवार को आठ लोगों की मौत हो गई। केजीएमयू में भर्ती हुसैनगंज निवासी 55 साल की महिला को सड़क दुर्घटना में ब्रेन इंजरी हो गई थी। नौ को उन्हें ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रविवार देर रात मौत हो गई। इसी तरह आलमबाग निवासी 50 वर्षीय महिला को हृदय पक्षाघात की वजह से मौत हुई है। इसी तरह लोहिया संस्थान में एक, टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में दो लोगों की मौत हुई है। तीन अन्य मरीजों की अलग-अलग अस्पतालों में मौत हुई है।
केजीएमयू में भर्ती 2 माह 6 दिन के बच्चे की रविवार देर रात मौत हो गई। यह बच्चा बलिया जिले के चित्र पांडे चौराहा निवासी दंपती का बताया जा रहा है। बच्चे को 11 अगस्त को भर्ती कराया गया था। सेप्टिक शॉक से बच्चे की मौत हो गई। इसी तरह प्रयागराज के इस्माइल गंज निवासी 55 वर्षीय पुरुष, उन्नाव के पप्पू खेड़ा निवासी 59 वर्षीय महिला, महाराजगंज के गूगली निवासी 43 वर्षीय महिला, सुल्तानपुर के नरेंद्र पुर निवासी 45 वर्षीय पुरुष, बलरामपुर जिले के पछतावा निवासी 35 वर्षीय महिला, अयोध्या के रकाबगंज निवासी 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।
सिविल अस्पताल में अब तक 42 संक्रमित
कोरोना का सबसे अधिक हमला सिविल अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर हो रहा है। सोमवार को पैथोलॉजी विभाग की वार्ड आया पॉजिटिव निकली।अब तक अस्पताल के 42 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। अफसरों का कहना है ओपीडी में आने वाले मरीज कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ रहे हैं। जिस कारण डॉक्टर सहित स्वास्थ्यकर्मी भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं।
वहीं अन्य अस्पताल में संक्रमित होने का ग्राफ महज चार से पांच है। फिलहाल पॉजिटिव मिले सभी तीनो डॉक्टर होम आइसोलेशन में हैं। अस्पताल में अब कोरोना की जांच कराने वाले संदिग्धों की अन्य जांचों के लिए भी अलग व्यवस्था कर दी गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि अस्पताल के डॉक्टरों समेत 42 कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जिसके कारण अब अस्पताल में आने वाले कोरोना संदिग्धों के इलाज व जांच की अलग व्यवस्था कराई गई है।