लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने पहली बार आठ नए कंप्यूटर आधारित कोर्स शुरू किए हैं, जो विद्यार्थियों को तेजी से बदलते तकनीकी दौर के अनुरूप तैयार करेंगे। इन कोर्सों का उद्देश्य उद्योग, प्रशासन, अनुसंधान और डिजिटल समाज की जरूरतों के मुताबिक कुशल मानव संसाधन तैयार करना है। विश्वविद्यालय ने सभी कोर्सों के नाम और सीटों का विवरण जारी कर दिया है। साथ ही इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। कोर्सवार मिलेगा ये लाभ
बीसीए (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग) – 75 सीटें
यह कोर्स छात्रों को मशीन लर्निंग मॉडल, ऑटोमेशन और समस्या-समाधान की आधुनिक तकनीकों में मजबूत बनाता है, जिससे वे सॉफ्टवेयर और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में बेहतर अवसर पा सकेंगे।
बीसीए (साइबर सुरक्षा और साइबर फोरेंसिक) – 75 सीटें
इस पाठ्यक्रम में साइबर अपराध, डेटा उल्लंघन, रैंसमवेयर हमले, पहचान की चोरी और डिजिटल धोखाधड़ी से निपटने के साथ नेटवर्क सुरक्षा, एथिकल हैकिंग और डिजिटल जांच की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
बीसीए (डाटा साइंस और डेटा एनालिटिक्स) – 75 सीटें
छात्रों को डेटा प्रबंधन, विजुअलाइजेशन, सांख्यिकीय विश्लेषण और निर्णय लेने की तकनीकों में दक्ष बनाया जाएगा, जिससे वे डेटा साइंस और एनालिटिक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।
बीसीए (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) – 75 सीटें
यह कोर्स सेंसर, एम्बेडेड सिस्टम, डिवाइस कम्युनिकेशन और ऑटोमेशन के जरिए सॉफ्टवेयर को भौतिक दुनिया से जोड़ने की समझ विकसित करेगा।
एमएससी (कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग) – 40 सीटें
यह स्नातकोत्तर कोर्स एआई के शोध, डिजाइन और उन्नत तकनीकों में विशेषज्ञता प्रदान करेगा।
एमएससी (डाटा साइंस और एनालिटिक्स) – 40 सीटें
इससे छात्र अनुसंधान संगठनों, कॉर्पोरेट एनालिटिक्स टीमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करने के लिए तैयार होंगे।
एमएससी (साइबर सुरक्षा और साइबर फोरेंसिक) – 40 सीटें
पाठ्यक्रम के तहत साइबर जांच, जोखिम मूल्यांकन, डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण और सुरक्षा परामर्श की गहन जानकारी दी जाएगी।
साइबर सुरक्षा में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (पीजीडीसीएस) – 40 सीटें
यह डिप्लोमा सूचना सुरक्षा, साइबर जागरूकता और डिजिटल जोखिम प्रबंधन में करियर बनाने वालों के लिए उपयोगी होगा।
कोट
विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत मिश्रा के अनुसार, पहली बार शुरू हो रहे इन नए कोर्सों से छात्रों के लिए अधिक मांग वाले क्षेत्रों में मजबूत शैक्षणिक मार्ग और कॅरिअर के अवसर मिलेंगे।