लखनऊ। 480 फर्जी नंबरों की लिस्ट बनाकर उस पर ओवरलोड ट्रकों को टोल से पार करवाया जा रहा है। सिंडिकेट राजधानी में ऐसे ही काम कर रहा है। हर महीने करीब 3200 ट्रकों को फर्जी नंबरों से टोल प्लाजा पार करवाया जा रहा है। इन ट्रकों का रिकॅार्ड कहीं भी दर्ज नहीं हो रहा है और बेरोकटोक ओवरलोडिंग चल रही है।
बीते शनिवार को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर मामला उजागर किया था। सूत्र बताते हैं कि सिंडिकेट फर्जी नंबरों से ट्रक पास करवा रहा है। वाहन पास करवाने वाले को पासर कहा जाता है। इनका नेटवर्क गिट्टी, मौरंग, बालू आदि की ओवरलोडिंग डंके की चोट पर करवाता है। सूत्र बताते हैं कि टोलकर्मियों को भी इन पासर्स ने रैकेट में शामिल कर रखा है, जिससे फर्जी नंबरों से वाहन धड़ल्ले से पास हो रहे हैं।
ओवरलोड ट्रकों को अलॉट हैं फर्जी नंबर
सूत्र बताते हैं कि पासर्स ने 480 फर्जी नंबरों की लिस्ट बना रखी है। इनका कोई अस्तित्व नहीं है। एमए, 1सी, ओएडब्लू, सीडीपीसी सहित कई कोड से नंबरों की सीरीज बनाकर टोलकर्मियों को दी गई है। जब सिंडिकेट से जुड़े ओवरलोड ट्रक गुजरते हैं तो उन नंबरों की ही एंट्री कर पर्ची काट दी जाती है।
ऐसे नंबर लिस्ट में हैं शामिल
परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि लिस्ट में एमए24पीए2736, एमएटी54जे3087, एमबी1एयूजीसीसी4बीआरजीएल006, सीएलएमएम101469,1सी63588694, एमएएलए6994बी5एच9874, 1एसएनएम821418, एलएएमएम060405, ओएनसीएन221310, ओएडब्लूएसएक्स55238, सीडीपीसी429482, 57जे1जे28931, 21एच1सी07579 जैसे नंबर शामिल हैं।
व्हाट्सएप पर सक्रिय है सिंडिकेट
ओवरलोड वाहनों पर एसटीएफ ने भी बीते वर्ष कार्रवाई की थी। सूत्र बताते हैं कि जांच में सामने आया है कि सिंडिकेट व्हाट्सएप पर सक्रिय है, जो टोल से वाहन के गुजरते ही रूट के अगले टोल पर इसकी सूचना जारी कर देता है।