सरकारी योजनाओं में 20 फीसदी हिस्सेदारी देने के बाद अल्पसंख्यकों को लुभाने के लिए सपा सरकार एक और दांव चलने जा रही है। उनके लिए अब शैक्षणिक हब बनाने की तैयारी है।
इसमें अल्पसंख्यकों को उच्च शिक्षा देने के साथ-साथ आवासीय सुविधा, व्यावसायिक शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग भी दी जाएगी।
‘अल्पसंख्यकों की शैक्षिक सहभागिता एवं उन्नयन’ नाम की इस योजना के प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। यह योजना अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने तैयार की है।
इस योजना में केंद्रीय विद्यालयों की तर्ज पर मॉडल इंटर कॉलेज खोले जाएंगे और इंटर पास अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलीटेक्निक, बैंकिंग व रेलवे आदि परीक्षाओं के लिये कोचिंग दी जाएगी।
छात्रावास की सुविधा भी मिलेगी। शुरू में 50 छात्र-छात्राओं के बैच से कोचिंग प्रारंभ की जाएगी। मॉडल कॉलेजों में कम से कम 60 प्रतिशत छात्र-छात्राएं उसी जिले के सरकारी तथा मान्यता प्राप्त विद्यालयों या मदरसों से लिए जाएंगे तथा 40 प्रतिशत छात्र प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से प्रवेश परीक्षा के आधार पर लिए जाएंगे।
कम से कम 50 प्रतिशत सीटों पर अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। इनके उपलब्ध न होने की दशा में इन सीटों को अन्य श्रेणी के छात्र-छात्राओं से भरा जाएगा।
पहले दौर में छह शहरों में खुलेंगे मॉडल कॉलेज
प्रथण चरण में प्रदेश के अल्पसंख्यक बहुल छह जिलों में मॉडल इंटर कॉलेज खोलने का प्रस्ताव है। इनमें रामपुर, वाराणसी, इलाहाबाद, आजमगढ़, कानपुर नगर तथा हापुड़ शामिल हैं। इन शहरों के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में भी अल्पसंख्यकों की ज्यादा आबादी को देखते हुए इनका चयन किया गया है।
ऐसे लागू की जाएगी योजना
योजना नगरीय और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए होगी।
लड़के-लड़कियों के लिए अलग-अलग मॉडल इंटर कॉलेज खोले जाएंगे।
कॉलेजों में आईसीटी (इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी) सुविधा होगी।
विज्ञान, गणित व अंग्रेजी की शिक्षा पर विशेष जोर होगा।
अच्छी पुस्तकों और पत्रिकाओं से सुसज्जित पुस्तकालय भी बनेगा।
योजना ऐसे ब्लाकों में जहां कुल आबादी में अल्पसंख्यक 25 फीसदी हों।
पांच गांवों का समूह बनेगा। इसमें 50 फीसदी अल्पसंख्यक होंगे।