आरोप है कि इस स्मारक के निर्माण में बरती गई अनियमितता से सरकारी खजाने को 111.44 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ और लोकसेवकों व निजी व्यक्तियों को अवैध फायदा हुआ। मामले में 19 लोगों को आरोपी बनाया है।
इसमें बसपा सरकार में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा, खनन विभाग के भूतपूर्व संयुक्त निदेशक व सलाहकार सुहैल अहमद फारूकी, निर्माण निगम के पूर्व एमडी सीपी सिंह व निर्माण निगम के 15 अन्य इंजीनियर भी नामजद हैं।
ईडी पहले भी भेजता रहा है समन, लेकिन नहीं दिया कोई जवाब
ईडी ने करीब दो साल पहले केस दर्ज करने के बाद ठेकेदारों, सप्लायर और अधिकारियों व इंजीनियरों को पूछताछ के लिए समन भेजता रहा, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। अब ईडी ने नए सिरे से नोटिस भेजा है।