ईडी की एफआईआर में तत्कालीन खनन मंत्री अखिलेश यादव या पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को नामजद नहीं किया गया है। न ही सीबीआई की तरह इस अवधि में खनन मंत्रियों की भूमिका की जांच का एफआईआर में कोई जिक्र है। एक अधिकारी ने बताया कि अगर जांच के दौरान किसी की भूमिका के बारे में जानकारी होती है तो उससे भी पूछताछ और कार्रवाई की जाएगी।
सीबीआई ने शुरू की थी जांच
बता दें कि गत तीन जनवरी को सीबीआई ने अवैध खनन के मामले में एफआईआर दर्ज कर बी. चंद्रकला समेत एक दर्जन से अधिक लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें करोड़ों की नकदी, जेवरात व दस्तावेज आदि बरामद किए गए थे।
11 नामजद और उन पर लगी धाराएं
तत्कालीन जिलाधिकारी बी. चंद्रकला, तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, माइनिंग क्लर्क राम आसरे प्रजापति, एमएलसी रमेश मिश्रा, पट्टाधारी दिनेश कुमार मिश्रा, अंबिका तिवारी, संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित, रामअवतार सिंह, करन सिंह और आदिल खान शामिल हैं। इसके अलावा अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 483 और 420 के साथ ही प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट की धारा 13 के तहत केस दर्ज किया गया है।