पांचवे और छठे चरण के मतदान में नक्सली हिंसा और बूथ कैप्चरिंग से बचने के लिए आयोग ने खास तैयारी की।
यूपी के पांचवें व छठे चरण के चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की कंपनियों में इजाफा कर दिया गया है। सत्तारूढ़ दल पर बूथ कैप्चरिंग व चुनाव में गड़बड़ी का अंदेशा जताए जाने के बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है।
सुरक्षा प्रबंधों को लेकर आयोग के साथ प्रदेश के आला अफसरों की बैठक सोमवार देर शाम तक जारी रही। मतदान क्रेंदों व बूथों पर केंद्रीय बलों का ही पहरा रखने का भी फैसला किया गया है।
हालांकि आयोग ने यह जिक्र नहीं किया है कि कितनी कंपनियां लगाई जाएंगी। इन दोनों चरणों में ढाई से तीन सौ कंपनी केंद्रीय सुरक्षा बल लगाए जाने का अनुमान है।
नक्सली हमले की संभावना
बैठक में बाकी बचे दोनों चरणों के चुनाव के दौरान नेपाल व अन्य प्रदेशों से लगती सीमा पर सुरक्षा और चेकिंग बढ़ाने का फैसला किया गया।
जिन जिलों में मतदान होना है उनमें से कई जिले नेपाल सीमा से सटे हैं जबकि कई जिले बिहार सीमा से सटे हैं।
बिहार सीमा पर सुरक्षा बढ़ाए जाने के पीछे कारण यह भी बताया जा रहा है कि छठे चरण के चुनाव में नक्सलियों की गतिविधि खासी बढ़ी होने की सूचना खुफिया एजेंसियों से उच्च अधिकारियों को मिली है।
खुफिया एजेंसियों ने अंदेशा जताया है कि राबर्ट्सगंज से चुनाव लड़ रही नक्सली कमांडर लालव्रत कोल की पत्नी ज्ञानी देवी के समर्थन में नक्सली एकजुट हो गए हैं।
इसे लेकर आंध्र प्रदेश तक के नक्सली कमांडर पिछले दिनों यहां आकर बैठकें भी कर चुके हैं।
केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात
नक्सलियों की गतिविधि रोकने के लिए अफसरों ने तय किया है कि इस चरण में केंद्रीय सुरक्षा बल की अधिक से अधिक संख्या में तैनाती की जाए।
नक्सल प्रभावित इलाके के बूथ व मतदान केंद्रों पर इनकी तैनाती अधिक संख्या में रखी जाए और अन्य सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी जाए। साथ ही स्टैटिक सर्विलांस टीमों और फ्लाइंग स्क्वॉयड की संख्या भी बढ़ाने का फैसला किया गया है।
मतदान केंद्रों व बूथों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती मानक से कहीं अधिक किए जाने की बात डीआईजी लोक शिकायत सतीश गणेश ने भी स्वीकार की। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर जिस तरह के अंदेशे जताए जा रहे हैं उसके मद्देनजर हर तरह की गड़बड़ी को रोकने की कोशिश है।
उधर, प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि किसी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी और सुरक्षा को लेकर सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने भी यह संकेत दिया कि शेष दोनों चरणों के चुनाव में केंद्रीय सुरक्षा बलों की संख्या पूर्व के मुकाबले कहीं अधिक होगी।