बख्शी का तालाब। इटौंजा के ढिलवासी गांव निवासी ई रिक्शा चालक बबलू (25) का शव शनिवार की सुबह गांव के बाहर आम के बाग में गमछे के सहारे लटका मिला। पिता ने गांव के तीन युवकों पर बेटे की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
बबलू के पिता राम सरन के अनुसार, बबलू का गांव के तीन युवकों से एक हफ्ते पहले सवारी बैठाने के लिए झगड़ा हुआ था। बबलू शुक्रवार की शाम लगभग सात बजे ई रिक्शा लेकर घर लौट रहा था। रास्ते में उन्हीं तीन युवकों ने बबलू को रोक लिया और उसे मारापीटा। वह और उनकी बेटी बीच-बचाव के लिए पहुंची तो आरोपियों ने उन्हें भी पीट दिया। शोर सुनकर ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। कुछ देर के बाद आरोपी उनके घर आ धमके और फिर से मारापीटा। आरोपियों ने बबलू का मोबाइल फोन भी छीन लिया। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी ने बबलू का मोबाइल वापस कर दिया। उधर, ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी और बबलू वहां से भाग गए।
राम सरन के अनुसा, रात होने पर बबलू घर नहीं लौटा। उसकी तलाश की गई पर कुछ पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह गांव के बाहर ग्रामीणों ने शंकर के आम के बाग में लगे पेड़ से बबलू का शव लटका देखा। इंस्पेक्टर इटौंजा मार्कंडेय यादव ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आया है। पिता की तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
पत्नी से चल रहा है अलगाव
राम सरन के मुताबिक दो वर्ष पहले बबलू की शादी हुई थी। आपसी विवाद के कारण पत्नी छह माह पहले उसे छोड़कर मायके चली गई थी। पुलिस का दावा है कि पारिवारिक विवाद के कारण बबलू ने आत्महत्या की है। परिवार में मां छोटकी, भाई दीपक, बहन आरती, दीपांशी, आकांक्षी और ममता हैं।