प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के हाथों छूट पर ई-रिक्शा खरीद कर अमेठी के दो दर्जन गरीब फंस गए हैं। छूट देने के बजाय ई-रिक्शा वितरित करने वाली कंपनी ने लाभार्थियों से साप्ताहिक पूरी किस्त वसूलना शुरू कर दिया है।
साप्ताहिक पूरी किस्त नहीं देने वाले कुछ लोगों के रिक्शे को कंपनी ने जमा करा लिया है। अभी तक छूट नहीं मिलने एवं पूरा दाम किस्त में वसूले जाने के विरोध में बुधवार को करीब दर्जन भर ई-रिक्शा के लाभार्थियों ने मंत्री व कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन किया एवं एसडीएम को ज्ञापन दिया। लाभार्थियों ने मंत्री एवं कंपनी पर छूट के नाम पर ठगने का आरोप लगाया है।
तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने बीती 26 मई को अपने एक दिवसीय अमेठी दौरे में अमेठी के आवास विकास कॉलोनी में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 25 गरीबों को ई-रिक्शा वितरित किया था।
लाभार्थियों के मुताबिक उनसे उस समय 1750 रुपये जमा कराया गया था। उस समय मंत्री ने रिक्शे का दाम मय ब्याज व रजिस्ट्रेशन एक लाख 51 हजार बताया था। स्वरोजगार के नाम पर केंद्रीय मंत्री के हाथों छूट पर ई-रिक्शा पाने वाले लोगों की खुशी कुछ ही दिनों में तब काफूर हो गई, जब भारतीय माइक्रो कंपनी उनसे 1400 रुपये साप्ताहिक किस्त वसूलने लगी।