मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियमों का अनुपालन न करने वाले वाहनों के ई चालान किये जाने के प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए ई कोर्ट की स्थापना किए जाने को कहा है। उन्होंने इस सम्बन्ध में कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा समय में वाहनों के ई चालान का निस्तारण न्यायालयों के माध्यम से कराया जा रहा है। न्यायालयों पर कार्य के दबाव को देखते हुए ई कोर्ट की स्थापना का प्रस्ताव बना है।
इसके मुख्यमंत्री ने इसके मद्देनजर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में बुधवार को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी व प्रमुख सचिव न्याय प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने एक संयुक्त बैठक कर इस कार्य को गति देने के विभिन्न बिन्दुओं पर विमर्श किया। बैठक में जानकारी दी गयी कि बीती सात जनवरी 2019 से 31 दिसम्बर 2020 तक कुल 1,13,33,367 किये गए।
जिन मामलों का निस्तारण जुर्माने से नहीं हो पाता उन्हें न्यायालय को भेजा जाता है। इनमें से कोर्ट में प्रेषित ई चालानों की संख्या 38,21,241 है। जबकि कोर्ट द्वारा निस्तारित ई चालानों की संख्या 1,78,999 तथा अनिस्तारित ई चालानों की संख्या 36,42,242 है। अधिकायिों का मानना है कि लम्बित चल रहे लगभग 36 लाख मामले अगर शीघ्र निस्तारित होगे तो इनसे जुर्माने में मिली धनराशि से न केवल प्रदेश सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी बल्कि यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।