बुलंदशहर में भाजपा नेता की गाड़ी का चालान करने वाली पुलिस उपाधीक्षक श्रेष्ठा के तबादले का मुद्दा रविवार को सोशल मीडिया पर छाया रहा। कोई श्रेष्ठा को लेडी सिंघम की संज्ञा दे रहा है और कोई उन्हें बिना भय व पक्षपात के इसी तरह काम करते रहने की सलाह दे रहा है।
वहीं, लोग उनके बहराइच तबादले को लेकर राज्य सरकार की निंदा भी कर रहे हैं। कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री को भी नसीहत दे डाली, कहा- अगर आप सच में प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना चाहते हैं तो ऐसे अफसरों को हतोत्साहित मत कीजिए।
बता दें, श्रेष्ठा ने 23 जून को ट्रैफिक चेकिंग के दौरान भाजपा के पांच नेताओं का चालान काट दिया था। इससे वह सुर्खियों में आ गई थीं।
उधर, डीएसपी श्रेष्ठा ने भी तबादले को लेकर अपने फेसबुक वॉल पर अपना अनुभव साझा किया है।
लिखा, ‘जहां भी जाएगा रौशनी लुटाएगा, किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता।’ इसके साथ ही उन्होंने बहराइच ट्रांसफर होने की जानकारी भी दी। इसके अलावा उन्होंने लिखा, चिंता करने की कोई बात नहीं है, मैं खुश हूं। मैं इसे अच्छे काम के पुरस्कार के रूप में स्वीकार कर रही हूं, आप सभी बहराइच में आमंत्रित हैं।