बेहतर कानून व्यवस्था के साथ प्रदूषण की समस्या, ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर मेडिकल इमरजेंसी के प्रबंधन में ड्रोन का उपयोग हो सकता है।
जिला प्रशासन और पुलिस ड्रोन का उपयोग शुरू करने की पहल कर चुके हैं। अब बारी दूसरे विभागों की है। गोमतीनदी को प्रदूषण मुक्त बनाने से लेकर मेट्रो निर्माण की राह में बाधा बन कर आ रहे ट्रैफिक को नियंत्रित करने में भी ड्रोन मददगार बनेगा।
पुराने लखनऊ में शांति जुलूस से लेकर अवैध निर्माण के हवाई सर्वे तक हाईटेक ड्रोन और उसमें लगे उच्च क्षमता के कैमरा से हो सकेगा।
प्रभारी एलडीए वीसी रहते हुए डीएम राजशेखर ने अवैध निर्माणों पर निगाह रखने के लिए ड्रोन कैमरा के इस्तेमाल की पहल की थी।
उनका मानना है कि ड्रोन में लगे कैमरे से हवाई सर्वे आसानी से हो सकते हैं। इससे मिलीं तस्वीरों से डाटा तैयार कर अवैध निर्माण चिह्नित किए जा सकते हैं और कार्रवाई की जा सकती है।