सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी में चार लोग फर्जी दस्तावेज के सहारे संविदा बस परिचालक बनने पहुंचे थे। मगर, कमेटी की जांच में इन आवेदकाें के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। कंपनी इन आवेदकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक पीके बोस ने बुधवार को बताया कि आवेदक अश्विनी कुमार मिश्रा, रजनीश कुमार, लवलेश कुमार रावत, शिवम शर्मा के शैक्षिक योग्यता एवं सीसीसी की जांच की गई तो उनके फर्जी होने का पता चला। कमेटी ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के अंक पत्र व सीसीसी के रोल नंबर के आधार पर क्रॉस चेकिंग कराई।
जांच में पाया गया कि आवेदकाें ने जो ऑनलाइन विवरण दर्ज कराया था, उसका मिलान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि अश्विनी कुमार ने जो मार्क्सशीट अपलोड की थी वह ऑनलाइन जांच में फर्जी पाए जाने पर आवेदन निरस्त कर दिया गया। रजनीश ने मार्क्सशीट के अंकों का जो प्रतिशत दर्ज किया, वह गलत पाया गया। रजनीश के इंटरमीडिएट में 365 अंक यानी 65 फीसदी रहे। लवलेश कुमार ने भी इंटरमीडिएट के अंकों का प्रतिशत 81.6 फीसदी दर्ज किया था, जबकि जांच में 76.2 फीसदी पाया गया। जबकि शिवम शर्मा ने गलत सीसीसी पेश किया, जिसके कारण आवेदन निरस्त हो गया।