लखनऊ। रोडवेज बस के ड्राइवरों की मनमानी थम नहीं रही है। ये ड्राइवर किसी भी ढाबे पर बस रोक दे रहे हैं। सहायक प्रबंधक(प्रवर्तन) गौरव वर्मा की जांच में यह खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि कई अनुबंधित ढाबों पर तीन वर्षों से बसें नहीं रुकी हैं।
रोडवेज बसों के ड्राइवरों को अनुबंधित ढाबों पर ही बसें रोकने का प्रावधान है। अनुबंधित ढाबे पर बसों के ठहराव पर शुल्क मिलता है। अनुबंधित ढाबों पर बसों के न रुकने से ढाबा संचालकों और रोडवेज दोनों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही गैर अनुबंधित ढाबों पर बसों के ठहराव से यात्री भी परेशान हैं। ऐसे में 19 मार्च को चेकिंग दल एवं क्षेत्रीय प्रबंधकों को पत्र भेजा गया है, जिसमें बसों का ठहराव अनुबंधित ढाबों पर ही सुनिश्चित कराने को कहा गया है।