मदरसों में एनसीईआरटी पैटर्न लागू करने के बाद सरकार जल्द ही ड्रेस कोड भी लागू कर सकती है। मंगलवार को हज हाउस में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने इसके संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मदरसों में शिक्षा ले रहे बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। एनसीईआरटी पैटर्न लागू करने के बाद ड्रेस कोड के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बताते चलें कि योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। मदरसा पोर्टल के जरिए शिक्षकों का ब्योरा ऑनलाइन होने के साथ बड़ी संख्या में फर्जी मदरसों पर रोक लगाई जा चुकी है।
यही नहीं, एनसीईआरटी पैटर्न लागू करने के बाद मदरसों के बच्चे दीनी तालीम के अलावा कंप्यूटर, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी जैसे मुख्यधारा के विषयों को भी पढ़ेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
मदरसों में दी जा रही मजहबी शिक्षा पर शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी समेत कई मुस्लिम नेता गंभीर आरोप लगा चुके हैं। वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र में कहा था कि मदरसों की शिक्षा से बच्चे इंजीनियर, डॉक्टर नहीं बल्कि आंतकवादी बन रहे हैं। सभी नेताओं ने धार्मिक शिक्षा को वैकल्पिक बनाने पर जोर दिया।
वहीं डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा भी मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर उसे रोजगार परख बनाने को लेकर प्रयासरत हैं। ड्रेस कोड लागू करने का यह फैसला उसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। मोहसिन रजा ने कहा कि मौजूद समय में बच्चे मदरसों में कुर्ता पायजामा में ही आते हैं। उनके लिए कोई ड्रेस कोड नहीं है।