जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के अधिकारियों व कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु सीमा 58 साल से बढ़ाकर 60 साल करने पर शासन सहमत हो गया है।
कैबिनेट की आगे की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। कर्मचारी लंबे अरसे से रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत जिला स्तर पर गठित ग्राम्य विकास अभिकरणों में करीब ढाई हजार अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं।
सरकार ज्यादातर सरकारी विभागों, प्राधिकरणों व स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मियों की रिटायरमेंट की आयु सीमा 60 साल कर चुकी है।
पर, ग्राम्य विकास विभाग का मामला लटका रहा। शासन स्तर पर सुनवाई न होने पर बड़ी संख्या में कर्मचारी हाईकोर्ट पहुंच गए।
इधर, सरकार ने डीआरडीए कर्मियों की मांग पर वित्त और कार्मिक विभाग की सलाह मांगी तो उन्होंने सहमति जता दी। रिटायरमेंट की आयु सीमा बढ़ाने के मामले की पैरवी कर रहे एक कर्मचारी नेता ने बताया कि सरकार को इस महीने प्रकरण में लिए गए निर्णय की जानकारी हाईकोर्ट को देनी है।
ग्राम्य विकास विभाग ने कार्मिक व वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद रिटायरमेंट की उम्र सीमा 60 साल करने संबंधी प्रस्ताव पर निर्णय का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा था।
मुख्यमंत्री ने भी इस पर रजामंदी दे दी है। अब इस मामले में सरकार का रुख कोर्ट को बताने और प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी लेने का रास्ता साफ हो गया है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अगली कैबिनेट में यह प्रस्ताव आ सकता है।