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Lucknow News: कागजों पर चमके नाले, जमीन पर जलभराव... सफाई में जुटा निगम

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अलीगंज में नाले से निकाली गई सिल्ट।
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लखनऊ। बारिश से पहले नालों की सफाई के नगर निगम के दावों की पोल खुल गई है। अब नगर निगम दो महीने बाद अलीगंज सहित कई इलाकों में नालों की सफाई करा रहा है। नाले चोक होने के कारण इन क्षेत्रों में भारी जलभराव हुआ। जिन नालों को कागजों पर साफ मान लिया गया था, उनमें भी भारी मात्रा में सिल्ट और कचरा निकल रहा है। अमर उजाला ने नालों की सफाई न होने का मुद्दा उठाया था।
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शहर में 1301 छोटे, बड़े और मझोले नाले हैं। इनकी सफाई की जिम्मेदारी नगर निगम के तीन विभागों की है। एक मीटर से कम चौड़े नालों की सफाई स्वास्थ्य विभाग कराता है। एक से दो मीटर तक चौड़े नालों की सफाई अभियंत्रण विभाग और दो मीटर से अधिक चौड़े नालों की सफाई आरआर विभाग कराता है। एक मीटर तक के नालों की सफाई का काम सफाई एजेंसी रामकी के पास था। कंपनी ने यह काम नहीं किया और अतिक्रमण का तर्क दिया। अतिक्रमण न हटने और सफाई न होने से बारिश में खूब जलभराव हुआ। यह धांधली सामने आने पर नगर निगम ने करीब 900 नालों की सफाई शुरू कराई है।
नालों से निकला भारी कचरा और सिल्ट
अलीगंज सेक्टर-के में मेन रोड के नाले की सफाई पांच दिन से जारी है। इससे करीब चार ट्रक सिल्ट और कचरा निकल चुका है। जानकारों के अनुसार, यह हाल तब है जब नाला अभी आधा ही साफ हुआ है। नाला सफाई के नाम पर डीजल घोटाले की बात भी सामने आई है। वहीं, नगर निगम मुख्यालय से नावेल्टी सिनेमा तक की नाली से करीब एक ट्रक कचरा निकला। डालीबाग में नैमिष गेस्ट हाउस के बाहर भी तीन ट्रक से अधिक कचरा निकाला गया।
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Iजिन जगहों पर सफाई रामकी के पास है, वहां पर उसे एक मीटर तक चौड़े नाले साफ करने हैं। इसको लेकर उसे सख्त आदेश दिया गया है। यदि लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी। जिन जगहों पर सफाई में ढिलाई हुई, वहां फिर से सफाई कराई जा रही है।I
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I- पीके श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारीI
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