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Lucknow News: डॉ. पीके शर्मा ने केजीएमयू को कहा अलविदा

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केजीएमयू।
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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से डॉक्टरों की विदाई का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब संस्थान के न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. पीके शर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। डॉ. शर्मा नोटिस अवधि के दौरान अगले तीन महीने तक काम करते रहेंगे। डॉ. पीके शर्मा ने इस्तीफे की वजह निजी कारण बताया है। बताया जा रहा है कि वह आलमबाग स्थित निजी मेडिकल संस्थान जॉइन करेंगे। उनसे पहले इसी साल सात डॉक्टर संस्थान छोड़ चुके हैं।
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ये डॉक्टर छोड़ चुके हैं केजीएमयू-
एंडोक्राइन मेडिसिन- डॉ. मधुकर मित्तल
गैस्ट्रो सर्जरी- डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. साकेत, डॉ. विशाल, डॉ. प्रदीप जोशी
नेफ्रोलॉजी- डॉ. संत पांडेय
न्यूरो सर्जरी- डॉ. सुनील कुमार
ट्रांसप्लांट यूनिट- डॉ. मनमीत सिंह, डॉ. विवेक गुप्ता
सीवीटीएस- डॉ. विजयंत देव
गठिया रोग- डॉ. अनुपम वाखलू
यूरोलॉजी विभाग- डॉ. राहुल जनक सिन्हा
न्यूरो सर्जरी- प्रो. क्षितिज श्रीवास्तव
मनोरोग- प्रो. आदर्श त्रिपाठी, डॉ. मनु अग्रवाल
रेस्पिरेटरी मेडिसिन- प्रो. अजय कुमार वर्मा
कार्डियक एनेस्थीसिया- डॉ. करण कौशिक
एनेस्थीसिया- डॉ. तन्वी भार्गव
प्लास्टिक सर्जरी- डॉ.अशोक कुमार गुप्ता
लुभा रहा पैकेज, खल रही बंदिशें
सरकारी संस्थानों से डॉक्टरों के पलायन के पीछे मुख्य रूप से दो वजह समझ आ रही हैं। सबसे बड़ी वजह निजी अस्पतालों में सरकारी संस्थानों के मुकाबले मिलने वाला कई गुना वेतन है। दूसरी वजह, सरकारी सिस्टम में काम करने की बंदिशें और टोकाटाकी है। इन्हीं वजह से ही डॉक्टर लगातार पलायन कर रहे है।
Iकेजीएमयू डॉक्टरों को काफी सुविधाएं और सहूलियत देता है। ज्यादातर डॉक्टर निजी वजह से ही संस्थान छोड़ रहे हैं। डॉक्टरों को संस्थान में रोकने के लिए सरकार को सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। I
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I- प्रो. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI
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