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डॉ कफील का सनसनीखेज बयान-बीजेपी सांसद ने रची मेरे भाई की हत्या की साजिश

Mon, 18 Jun 2018 01:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डॉक्टर कफील खान
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के आरोपी डॉ कफील ने अपने भाई कासिफ पर हुए जानलेवा हमले का आरोप बीजेपी सांसद कमलेश पासवान और व्यापारी सतीश नागलिया पर लगाया है।

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रविवार को आयोजित प्रेस कॉफ्रेंस में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए डॉ कफील ने कहा कि इन लोगों के कहने पर ही बदमाशों ने मेरे भाई पर जानलेवा हमला किया गया था। यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डॉ कफील ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
 

उन्होंने कहा कि घायल कासिफ के इलाज में देरी के जरिए उसे दोबारा मारने का प्रयास किया गया। इसके लिए सीओ गोरखपुर प्रवीण सिंह और एसपी सिटी विनय कुमार सिंह को सस्पेंड करके इसकी जांच हाईकोर्ट के जज से होनी चाहिए।

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डॉ कफील ने कहा कि इलाज में देरी करना सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाइन का स्पष्ट उल्लंघन है, जो कहती है कि मरीज की जान बचाना पहले जरूरी है। जबकि दोनों अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई के नाम पर गोली से घायल कासिफ का ऑपरेशन चार घंटे तक नहीं होने दिया।

 

घटना के सात दिन बाद भी आरोपियों का सुराग न लगने पर डॉ कफील ने कहा कि यूपी पुलिस की कार्रवाई पर भरोषा नहीं है, इसलिए यह मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए। दोबारा हमले की आशंका जताते हुए डॉ कफील ने प्रदेश सरकार से परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।

जमीनी विवाद में रची गई साजिश

डॉ कफील ने कहा कि उनके मामा शफकतउल्लाह की जमीन पर सांसद कमलेश पासवान व सतीश निगम ने कब्जा कर रखा है। इस मामले में एक एफआईआर 2015 में दर्ज करायी जा चुकी है। 16 सितंबर 2017 को इस संबंध में एक शिकायती पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजा गया था। डॉ कफील ने बताया कि मामा शफकतउल्लाह और कासिफ एक साथ काम करते हैं। इसी रंजिश में सांसद कमलेश पासवान और सतीश निगम ने कासिफ पर जानलेवा हमला करावाया है। 

मुख्यमंत्री को बदनाम करने का सांसद का प्लान

डॉ. कफील ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सांसद कमलेश पासवान में बनती नहीं है। हो सकता है इसीलिए ये हमला ऐसे दिन कराया गया, जब योगी आदित्यनाथ स्वयं गोरखनाथ मंदिर में मौजूद थे। इसलिए ये मामला और संगीन हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिस जमीन के मामले में काशिफ पर हमला किया गया है उस पर 13 जून को कोर्ट का फैसला आना था। इसीलिए 10 जून को ही हमला करा दिया गया। इस मामले में मामा मो. शफकतउल्लाह ने मुख्यमंत्री को 16 सितंबर 2017 को लिखे पत्र में जानलेवा हमले की आशंका भी जतायी थी।
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10 जून को मारी गई थी गोली

10 जून को डॉ कफील के भाई काशिफ को दो स्कूटर सवार हमलावरों ने उस वक्त गोली मार दी थी, जब वह रात करीब साढ़े दस बजे इफ्तार के बाद वापस घर लौट रहे थे। तरंग क्रॉसिंग के पास बदमाशों ने उनपर एक के बाद एक तीन राउंड फायर किए थे, जिसमें कासिफ के कंधे, सीने और पीठ पर एक-एक गोली लगी थी। घटना के बाद डॉ कफील ने पुलिस पर घायल कासिफ के इलाज में लापरवाही का भी गंभीर आरोप लगाया था। गौरतलब है कि डॉ कफील पिछले साल उस वक्त चर्चा में आए थे जब गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले के आरोपियों में एक नाम डॉ कफील का भी है। घटना के कुछ ही दिन बाद पुलिस ने कफील को जेल भेज दिया था। करीब आठ महीने जेल में काटने के बाद हाल ही में कफील को जमानत मिली है।
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