अयोध्या में हाईवे पर लगी भगवान श्रीराम की मूर्ति।
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रामजन्मभूमि को लखनऊ और गोरखपुर से छह लेन सड़क से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। कुल 245 किमी. लंबे इस राष्ट्रीय राजमार्ग को 4000 करोड़ रुपये की लागत से चौड़ा किया जाएगा। जहां हाईवे को कोई दूसरी सड़क क्रॉस कर रही है, उस हर जंक्शन पर अंडरपास या फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद पूरी दुनिया से यहां हिंदू श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान है। इसको ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ढांचागत सुविधाओं में बढ़ोत्तरी का फैसला किया है। वर्तमान में लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर हाईवे फोरलेन है, जिसे छह लेन किया जाएगा।
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विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार, इस हाईवे को चौड़ा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में लैंड उपलब्ध है। उपलब्ध भूमि की चौड़ाई (आरओडब्ल्यू) 45-60 मीटर तक है। इसलिए कहीं भी सड़क को छह लेन करने के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी। अलबत्ता, टोल प्लाजा और ट्रकों को खड़ा करने के लिए 20 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत करनी पड़ेगी।
पूरे हाईवे पर करीब 45 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां इस हाईवे को कोई न कोई सड़क क्रॉस कर रही है। ये जंक्शन प्वाइंट हादसों के लिहाज से ब्लैक स्पॉट माने जाते हैं। इन सभी स्थानों पर अंडरपास या फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि इस डीपीआर को एनएचएआई मुख्यालय भेजा जा रहा है। वहां से स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।