लखनऊ। दहेज हत्या के आरोपी पति रिचि अनुराज, ननद आर्ची अनुराज और ससुर राजकुमार सिंह को एडीजे रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने विवेचना में हुई गंभीर लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई।
अदालत ने पुलिस अधिकारियों, पुलिस आयुक्त व पुलिस महानिदेशक को लापरवाही की जांच कर तीन माह में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि विवेचक ने वॉट्सएप चैट व वीडियो कॉल फुटेज को सबूत के रूप में पेश किया पर संबंधित मोबाइल फोन विधिविज्ञान प्रयोगशाला नहीं भेजे गए। मृतका खुशबू का मोबाइल भी सील नहीं हुआ था। वादी आकाश सिसौदिया ने मृत्यु के बाद उसके मोबाइल से बैंक खाते से पैसे निकाले। वादी आकाश सिसौदिया ने 10 जनवरी 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि 25 जून 2020 को खुशबू सिसोदिया का विवाह रिची अनुराग से हुआ। दहेज में 20 लाख रुपये व लग्जरी कार की मांग पूरी न होने पर 9 जनवरी 2021 की रात दुर्घटना कराकर उसकी हत्या की गई और इसे एक्सीडेंट दिखाया।