अखिलेश ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने अपने विरुद्ध जनाक्रोश को रोकने के लिए एक लाख लोगों को जेल की सलाखों के पीछे कैद करा दिया था। आज फिर वैसी ही स्थितियां पैदा होती दिख रही हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि भारत के इतिहास में 25 जून 1975 को देशभर में आपातकाल लगाने की घोषणा हुई थी। लोकतंत्र की उस काली रात की याद आज भी शरीर में सिहरन पैदा कर देती है। चारों ओर दहशत और आतंक का माहौल था। आज उत्तर प्रदेश में वैसी ही परिस्थितियों का संकेत मिल रहा है। जबसे भाजपा की डबल इंजन सरकार बनी है वह लोकतंत्र को कुचलने में लगी है।
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अखिलेश ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने अपने विरुद्ध जनाक्रोश को रोकने के लिए एक लाख लोगों को जेल की सलाखों के पीछे कैद करा दिया था। आज फिर वैसी ही स्थितियां पैदा होती दिख रही हैं। भाजपा सरकार के कार्यकाल में सांविधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर आंच आई है। समाज में भय और अराजकता का वातावरण है।
उन्होंने कहा कि आपातकाल में उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र को बचाने के संघर्ष में जिनकी भागीदारी थी, उनको सम्मानित करने का काम समाजवादी सरकार ने ही किया है। सपा कार्यकाल में लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को प्रतिमाह 15 हजार रुपये की पेंशन स्वीकृत कर उनके सम्मानपूर्ण जीवन निर्वहन की व्यवस्था की। समाजवादी पार्टी अपने जन्म से ही लोकतंत्र, समाजवाद और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अन्याय के विरुद्ध वह सतत संघर्षरत रही है। भाजपा के अन्याय के सामने समाजवादी झुकने वाले नहीं है। जनता ने भाजपा की दंभी चुनौती स्वीकार की है।