दो महीने से ट्रायल का इंतजार कर रही एसी डबल डेकर ट्रेन को आखिरकार रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की हरी झंडी मिल गई है।
अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन (आरडीएसओ) ने भी पूर्वोत्तर रेलवे को इसकी गति सीमा सहित संरक्षा से जुड़ी रिपोर्ट सौंप दी है।
अब रेलवे मंगलवार को अपने सभी अनुभागों के अधिकारियों की एक ज्वाइंट सेफ्टी सर्टिफिकेट सीआरएस को भेजेगा। इसके बाद डबल डेकर ट्रेन के ट्रायल की तारीख तय की जाएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे को रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला से अप्रैल में एसी डबल डेकर ट्रेन का एक रैक आवंटित किया गया था।
यह रैक 14 मई को लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन भेज दिया गया था।
चेयरकार श्रेणी वाली डबल डेकर ट्रेन को पहले लखनऊ से गोरखपुर के बीच चलाने की योजना थी।
रेलवे को इस रेलखंड पर कम यात्री मिलने का अंदेशा जताते हुए लखनऊ से नई दिल्ली के बीच एसी डबल डेकर ट्रेन चलाने का प्रस्ताव बनाया।
डबल डेकर ट्रेन को अगले बजट तक स्पेशल ट्रेन बनाकर चलाया जाएगा।
विशेष तरह की बोगियां होने के कारण इस ट्रेन का लखनऊ से मुरादाबाद के रास्ते दिल्ली तक भौतिक ट्रायल किया जाना है।
इस ट्रायल में रेल संरक्षा आयुक्त पूर्वोत्तर जोन पीके वाजपेयी, आरडीएसओ के विशेषज्ञ, पूर्वोत्तर रेलवे जोनल मुख्यालय और मंडल रेल मुख्यालय के अधिकारी हिस्सा लेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे ने रेल संरक्षा आयुक्त से पहले ही ट्रायल की अनुमति मांगी थी, लेकिन इस ट्रेन को लेकर आरडीएसओ को भी एक रिपोर्ट पूर्वोत्तर रेलवे को सौंपनी थी।
गोरखधाम हादसे के बाद डबल डेकर ट्रेन को अनुमति देने का मामला ठंडा पड़ गया था। पिछले सप्ताह आरडीएसओ ने गति सीमा की रिपोर्ट रेलवे को भेज दी।
जबकि रेल संरक्षा आयुक्त पीके वाजपेयी ने भी पिछले सप्ताह डबल डेकर के भौतिक ट्रायल की अनुमति दे दी है।
अब पूर्वोत्तर रेलवे से ज्वाइंट सेफ्टी सर्टिफिकेट मिलते ही डबल डेकर के ट्रायल की तिथि घोषित होगी।