माहवारी के समय अधिक ब्लीडिंग, असहनीय दर्द या यूरिनेशन के समय दर्द हो तो इसे नजरअंदाज न करें। ये एंडोमिट्रियोसिस के लक्षण हो सकते हैं। यह जानकारी क्वीन मेरी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रेखा सचान ने विश्व एंडोमिट्रियोसिस माह (मार्च) में लोगों को जागरूक करते हुए दी। उन्होंने बताया कि इस बीमारी में यूट्रस की अंदर की सतह के टिशु बाहर की ओर बढ़ने लगते हैं। इसका इलाज न कराया गया तो ओवरी में धीरे-धीरे गांठें बनने लगती हैं। इससे न सिर्फ बांझपन बल्कि ओवेरियन कैंसर तक हो सकता है। यह मर्ज ज्यादा दिनों तक नजरअंदाज किया जाए तो यूूट्रस को निकालना ही एकमात्र विकल्प बचता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल की हर ओपीडी में इस समस्या की 4 से 5 मरीज आ जाती हैं। डॉ. रेखा सचान ने बताया कि इस बीमारी के विभिन्न कारण होते हैं, लेकिन मोटापे की शिकार महिलाएं इससे ज्यादा पीड़ित होती हैं।
इनमें खतरा अधिक
- ऐसी महिलाएं जिन्होंने शिशु को जन्म न दिया हो
- कम उम्र में माहवारी व अधिक उम्र में मीनोपॉज
- शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर अधिक होना
- शराब का सेवन, मां या बहन में किसी को समस्या हो
पहचानें लक्षण
- माहवारी के समय पेड़ू पर दर्द या लोवर बैक पेन
- माहवारी के दौरान यूरिनेशन के समय दर्द
- अधिक रक्तस्राव, बांझपन, कब्ज, डायरिया, जी मिचलाना