हड़ताल की वजह से जांच से लेकर सर्जरी तक प्रभावित होगी। केजीएमयू में प्रतिदिन करीब आठ से 10 हजार मरीज आते हैं। विभिन्न छोटी-बड़ी मिलाकर करीब दो सौ सर्जरी होती है। पीजीआई में करीब सौ से सवा सौ सर्जरी प्रतिदिन होती है।
लोहिया संस्थान में भी 50 से 80 सर्जरी का औसत रहता है। जबकि आईएमए के अनुमान के मुताबिक, राजधानी के विभिन्न निजी चिकित्सा संस्थानों में करीब दो हजार लोगों की सर्जरी होती है। इस तरह औसतन ढाई हजार मरीजों का ऑपरेशन टलना तय है। इसके अलावा ब्लड, कार्डियोलॉली व रेडियोलॉजी की जांचें भी प्रभावित होंगीं।