फेफड़ों के जवाब देने के बाद गंभीर हालत में पहुंची युवती की जान बचाने में केजीएमयू के डॉक्टरों ने बड़ी कामयाबी हासिल की। संस्थान में भर्ती मरीज का हीमोग्लोबिन भी 2 के आसपास पहुंच गया था और वेंटिलेटर पर रखने के बावजूद हवा फेफड़े तक नहीं पहुंच पा रही थी।
ट्रॉमा वेंटिलेटर यूनिट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विपिन कुमार सिंह ने मरीज को प्रोन वेंटिलेशन (पेट के बल लिटाकर ऑक्सीजन देना) देना तय किया। मरीज की हालत देख उनकी टीम भी हैरान थी। करीब 18 दिन की मेहनत के बाद सफलता मिली। पूरी टीम खुश है। मरीज को दो दिन बाद डिस्चार्ज करने की तैयारी है।
इस टीम ने किया इलाज
मरीज के इलाज में लगी टीम में डॉ. विपिन कुमार सिंह के साथ टीवीयू प्रभारी प्रो. जीपी सिंह, डॉ. जिया, डॉ. राहुल, डॉ. प्रशस्ति, डॉ. प्रतिश्रुति, डॉ. अस्मिता, डॉ. प्रज्ञा, स्टाफ नर्स, अमरेंद्र, अनुपम, अभिषेक, दीपू शामिल हैं।