लखनऊ। समान कार्य-समान वेतन की मांग को लेकर सीएचसी-पीएचसी में बॉन्ड के तहत तैनात डॉक्टरों की भूख हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी गांधी प्रतिमा के सामने जारी रही। इस दौरान कुछ डॉक्टरों की तबीयत बिगड़ने की आशंका पर मौके पर उनकी स्वास्थ्य जांच कराई गई, हालांकि जांच में सभी की रिपोर्ट सामान्य पाई गई।
एमबीबीएस व पीजी के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती दो साल के बॉन्ड के तहत होती है। राजकीय मेडिकल कॉलेज और सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के वेतन अलग-अलग हैं। इसे लेकर सीएचसी-पीएचसी में बॉन्ड के तहत डॉक्टर करीब एक माह से आंदोलन कर रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को 1.20 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है। वहीं, ग्रामीण अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों को करीब 55 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
आश्वासन के बाद उन्होंने आंदोलन कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दिया था। मगर अब तक शासनादेश जारी न होने से इन डॉक्टरों ने शुक्रवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दिया। चार डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जिनमें डॉ. अखिलेश्वर, डॉ. चितरंजन, डॉ. अजय और डॉ. राम शामिल हैं।